यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IPS Amit Lodha: IIT में हुए थे डिप्रेशन के शिकार, पहले प्रयास में बने IPS; पढ़ें बिहार के 'सुपर कॉप' की कहानी
IPS Amit Lodha बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा Khakee The Bihar Chapter वेब सीरीज को लेकर मुश्किलों से घिरे हैं। अमित लोढ़ा के जीवन पर ही यह व ...और पढ़ें

पटना, जागरण डिजिटल डेस्क। 'बिहार डायरीज' किताब पर आधारित वेब सीरीज 'Khakee: The Bihar Chapter' जहां एक तरफ दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है, तो वहीं इसके लेखक और बिहार कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा (Amit Lodha) की मुश्किलें बढ़ गई है। सरकारी पद पर रहते हुए बिजनेस करने और ब्लैक मनी के इस्तेमाल के आरोप में मगध रेंज में इंस्पेक्टर जनरल के पद पर तैनात अमित लोढ़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
अमित लोढ़ा (Amit Lodha) की पहचान बिहार के सबसे काबिल और साहसी आईपीएस अधिकारियों में होती है।1988 बैच के आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा पहली बार साल 2006 चर्चा में तब आये थे, जब उन्होंने 'शेखपुरा के गब्बर सिंह' नाम से मशहूर बिहार के सबसे कुख्यात गैंगस्टर अशोक महतो और उसके दोस्त पिंटू मेहतों को जेल में पहुंचाया था। अशोक महतो और पिंटू महतो के खिलाफ दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर जेल से भागने सहित 15 लोगों की हत्या व अन्य कई मामले दर्ज थे। अमित लोढ़ा को उनकी इस उपलब्धि के लिए प्रेजिडेंट पुलिस मैडल, पुलिस मैडल और इंटरनल सिक्योरिटी मैडल से सम्मानित भी किया गया है।
आईआईटी में डिप्रेशन के हो गए थे शिकार
अमित लोढ़ा का जन्म राजस्थान के जयपुर में हुआ। उन्होंने अपने स्कूल की पढ़ाई जयपुर के सेंट जेवियर स्कूल से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने IIT JEE का एग्जाम क्रैक किया और IIT दिल्ली (IIT Delhi) में दाखिला लिया। हालांकि, आईआईटी में उनका अनुभव सुखद नहीं रहा। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि आईआईटी में पढ़ाई के दौरान वे हीन भावना और डिप्रेशन से पीड़ित होने लगे थे। वे खुद को वहां अनफिट पाते थे, जिसके बाद उन्होंने यूपीएससी का रुख किया।
पहली कोशिश में यूपीएससी की परीक्षा पास की
अपने नाना से प्रेरित होकर अमित लोढ़ा ने महज 25 साल की उम्र में पहली ही कोशिश में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। बिहार कैडर से पहले उन्होंने राजस्थान में अपनी सेवाएं दी हैं। ख्यातिप्राप्त लोगों के बीच अपने मधुर संबंधों के चलते उनकी गिनती सेलिब्रिटी आईपीएस अधिकारी के तौर पर होने लगी। अमित लोढ़ा के बारे में कहा जाता है कि वह पीड़ित लोगों को सीधे अपने लैंडलाइन नंबर पर कॉल करने के लिए कहते थे।
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अबतक दो किताबें हो चुकी हैं प्रकाशित
बिहार पुलिस में अपने कार्यकाल के दौरान की घटनाओं और अनुभवों को उन्होंने कहानियों के रूप में अपनी किताब 'बिहार डायरीज' (Bihar Diaries) में लिखा और दुनिया के सामने पेश किया। अमित लोढ़ा ने इस किताब में खूंखार गैंगस्टर अमित महतो को पकड़ने की कहानी के बारे में भी बताया है। हालांकि, इसमें महतों का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया गया है। इसी किताब की तर्ज पर वेब सीरीज 'खाकी- द बिहार चैप्टर' बनी है, जिसके लेकर विवाद चरम पर है। अमित लोढ़ा ने साल 2021 में दूसरी किताब भी प्रकाशित की है, जिसका नाम लाइफ इन द यूनिफॉर्म है। इस किताब में उन्होंने यूपीएससी की अपनी यात्रा का वर्णन किया है।