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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: बिहार की इस हॉट सीट पर कौन करेगा खेला? 2019 में 1 फीसद से भी कम वोटों से जीता था JDU प्रत्याशी

    Updated: Sun, 19 May 2024 05:22 PM (IST)

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    बिहार की जहानाबाद सीट पर पिछले चुनाव के नतीजों पर चर्चा तेज।
    बिहार की जहानाबाद सीट पर पिछले चुनाव के नतीजों पर चर्चा तेज।

    HighLights

    1. 2019 में जदयू प्रत्याशी चंद्रेश्वर चंद्रवंशी ने मात्र 1751 मताें से दर्ज की थी जीत
    2. 2019 में जदयू ने जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में किया था बिल्कुल ही नया प्रयोग

    भुवनेश्वर वात्स्यायन, पटना। जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र का मतदान आखिरी चरण में एक जून को होना है। इस बार के आम चुनाव में जहानाबाद की चर्चा पिछले यानी 2019 के आम चुनाव मे हार-जीत के मार्जिन पर खूब हो रही। प्रत्याशी को लेकर वोटरों में बहुत अधिक माथा-पच्ची नहीं क्योंकि जो प्रत्याशी 2019 के आम चुनाव में उनके बीच थे वही इस बार भी मैदान में हैं।

    जदयू ने 2019 में किया था नया प्रयोग

    वर्ष 2019 के आम चुनाव में जदयू ने जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में बिल्कुल ही नया प्रयोग किया था। आम तौर पर जहानाबाद का ट्रैक रिकार्ड यह रहा है कि वहां से भूमिहार या फिर यादव जाति के प्रत्याशी को सफलता मिलती रही है। जदयू के टिकट पर अरुण कुमार और जगदीश शर्मा यहां से सांसद रहे हैं और दाेनों भूमिहार जाति से आते हैं।

    वहीं, 2019 में जदयू ने नया प्रयोग करते हुए अति पिछड़ा समाज से आने वाले चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी को जहानाबाद से अपना प्रत्याशी बनाया। बड़ी मुश्किल से वह जीत पाए। इस बार भी जदयू ने चंद्रेश्वर चंद्रवंशी को ही अपना प्रत्याशी बनाया है।

    पिछले चुनाव की हार-जीत के अंतर पर चर्चा

    वर्ष 2019 के आम चुनाव में हार-जीत का जहानाबाद में जो अंतर रहा वह पूरे प्रदेश में अनोखा था। जदयू प्रत्याशी चंद्रेश्वर चंद्रवंशी की जीत मात्र 1751 मताें से जहानाबाद में हुई थी।

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    हाल यह था कि जदयू प्रत्याशी को 42.17 प्रतिशत तथा राजद प्रत्याशी सुरेंद्र प्रसाद यादव को 41.95 प्रतिशत वोट आए थे। इस अंतर पर 2019 में तो जमकर चर्चा हुई ही साथ में इस बार के आम चुनाव में भी चुनावी बहस के केंद्र में यह मार्जिन है।

    प्रत्याशियों को लेकर कोई अनभिज्ञता नहीं

    जहानाबाद लाेकसभा क्षेत्र के लिए जो प्रत्याशी मुख्य रूप से मैदान में हैं, उनके बारे में प्रत्याशियों के बीच कोई अनभिज्ञता की स्थिति नहीं है।

    राजद के टिकट पर मैदान में मौजूद सुरेंद्र प्रसाद यादव यहां से 1998 में सांसद रह चुके हैं। वर्ष 2019 के साथ-साथ 2014 के आम चुनाव में भी वह मैदान में थे।

    चंद्रेश्वर चंद्रवंशी को 2019 में जहानाबाद ने अपना सांसद चुना था और वह इस बार भी मैदान में हैं। अरुण कुमार दो बार जहानाबाद के सांसद रहे हैं।

    परेशान कर रहा कम वोटिंग प्रतिशत और नोटा का प्रयोग

    जहानाबाद लोकसभा क्षेत्र में विगत दो आम चुनाव के दौरान यह ट्रेंड देखा गया कि वहां मतदान का प्रतिशत कम हुआ है। वर्ष 2014 के आम चुनाव में मतदान 57.04 प्रतिशत था जो 2019 में घटकर 51.76 प्रतिशत हो गया। टक्कर भी कांटे की होती रही है।

    वर्ष 2014 के आम चुनाव में आरएलएसपी के टिकट पर सांसद बने डॉ. अरुण कुमार को 39.76 प्रतिशत वोट आए थे और राजद उम्मीदवार सुरेंद्र प्रसाद यादव को 34.54 प्रतिशत मत मिले थे।

    उस समय जदयू ने अपने दम पर चुनाव लड़ा था। अनिल कुमार शर्मा जदयू के प्रत्याशी थे और वह 12.43 प्रतिशत वाेट पा गए थे। नोटा भी राजनीतिक दलों के विमर्श में है। पिछले बार के आम चुनाव मे जहानाबाद मेम 27,683 लोगों ने नोटा पर बटन दबाया था।

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