पूर्णिया की अदिति ने पंचलाइट में मूनरी बनकर जीता दर्शकों का दिल, रंगमंच पर बनाई खास पहचान
पूर्णिया की युवा रंगमंच कलाकार अदिति ने 14 साल की उम्र से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर राज्य स्तर ...और पढ़ें

नाटक मंचन के दौरान अपने अभिनय का प्रदर्शन करतीं पूर्णिया की युवा रंगकर्मी अदिति।
HighLights
अदिति ने 14 वर्ष की आयु में अभिनय शुरू किया।
'पंचलाइट' में मूनरी की भूमिका से दर्शकों को प्रभावित किया।
सीमांचल के रंगमंच में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। सीमांचल के रंगमंच के क्षेत्र में पूर्णिया की अदिति एक ऐसा उभरता हुआ नाम हैं, जो आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। महज 14 वर्ष की कम उम्र में अपने अभिनय का सफर शुरू करने वाली अदिति ने अपनी प्रतिभा के बल पर जिला ही नहीं, बल्कि राज्य स्तर तक अपने बेहतरीन अभिनय कौशल की छाप छोड़ी है।
अपने नौ वर्षों के सफल करियर में उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर कई चर्चित नाट्य प्रस्तुतियों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं और दर्शकों व नाट्य समीक्षकों की भरपूर सराहना बटोरी है।
अदिति ने अपनी अभिनय यात्रा की शुरुआत 14 वर्ष की आयु में कला भवन पूर्णिया के नाट्य विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यशाला से की थी। यह कार्यशाला संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) के पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई थी।
इस नाट्य कार्यशाला के दौरान तैयार किए गए नाटक 'राजा जी का फोन' में उन्होंने अपनी पहली भूमिका निभाई थी और अपने अभिनय का लोहा मनवाया था।
महुआ घटवारिन और चित्रांगदा में निभाई यादगार भूमिकाएं
शुरुआती सफलता के बाद अदिति 'रेणु रंगमंच संस्थान पूर्णिया' से जुड़ीं। यहां उन्होंने रंग निर्देशक अजीत कुमार सिंह बप्पा के कुशल निर्देशन में 'महुआ घटवारिन' और 'चित्रांगदा' जैसे प्रसिद्ध नाटकों में अभिनय कर सफल प्रस्तुतियां दीं।
इसके बाद उन्होंने कला भवन के नाट्य विभाग के बैनर तले अमित झा के निर्देशन में तैयार चर्चित नाटक 'द माउस ट्रैप' में भी अपने सशक्त अभिनय का प्रदर्शन किया।
पंचलाइट में मूनरी के किरदार से जीता सबका दिल
हाल ही में पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बेगूसराय के बीहट में आयोजित नाट्य उत्सव में अदिति ने निर्देशक विश्वजीत कुमार सिंह के निर्देशन में फणीश्वर नाथ रेणु की कालजयी कहानी पर आधारित नाटक 'पंचलाइट' में 'मूनरी' की मुख्य भूमिका निभाई।
उनके इस जीवंत अभिनय ने दर्शकों को बेहद प्रभावित किया। इसके अलावा कला भवन पूर्णिया में आयोजित 'पंचलाइट' के मंचन में भी उन्होंने अपनी दमदार अदाकारी से एक अलग पहचान बनाई।
रंगमंच सफर का संक्षिप्त परिचय
रंगकर्मी का नाम: अदिति (पूर्णिया, बिहार)।
करियर की अवधि: 9 वर्ष।
शुरुआती आयु: 14 वर्ष।
पहला नाटक: 'राजा जी का फोन' (कला भवन कार्यशाला)।
प्रमुख नाटक व भूमिकाएं: 'महुआ घटवारिन', 'चित्रांगदा', 'द माउस ट्रैप', और 'पंचलाइट' (मूनरी की भूमिका)।
संबंधित संस्थाएं: कला भवन नाट्य विभाग (पूर्णिया) एवं रेणु रंगमंच संस्थान।
प्रमुख निर्देशक जिनके साथ काम किया: अजीत कुमार सिंह बप्पा, अमित झा, और विश्वजीत कुमार सिंह।
निरंतर रंगकर्म को समर्पित हैं अदिति
वर्तमान समय में अदिति कला भवन के नाट्य विभाग एवं रेणु रंगमंच संस्थान से सक्रिय रूप से जुड़कर रंगमंच के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही हैं। स्थानीय रंगकर्मियों और कला प्रेमियों का मानना है कि अदिति जैसी समर्पित युवा प्रतिभाएं सीमांचल की नाट्य परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।