पीक सीजन में बंद रहेगा VB G RAM G योजना का काम, बिहार के किसानों को मिलेगी राहत
सरकार ने पीक कृषि मौसम में किसानों को पर्याप्त मजदूर उपलब्ध कराने के लिए वी.जी. राम जी योजना के कार्यों पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। ...और पढ़ें

पीक सीजन में बंद रहेगा VB G RAM G योजना का काम (AI Generated Image)
HighLights
पीक कृषि मौसम में वी.जी. राम जी योजना पर रोक।
किसानों को धान, गेहूं बुआई-कटाई में मजदूर मिलेंगे।
मजदूरों की कमी दूर होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा।
सुशांत कुमार, धमदाहा (पूर्णिया)। सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीजी राम जी योजना के तहत पीक कृषि मौसम में संचालित होने वाले कार्यों पर अस्थाई रोक लगाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 16 जून 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में धान और गेहूं की बुआई एवं कटाई के दौरान योजना के तहत किसी भी नए कार्य की शुरुआत, स्वीकृति अथवा क्रियान्वयन नहीं किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य खेती के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों को पर्याप्त संख्या में मजदूर उपलब्ध कराना है, ताकि कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकें और उत्पादन प्रभावित न हो।
विभाग ने बिहार को विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटते हुए प्रत्येक क्षेत्र के लिए धान और गेहूं की बुआई एवं कटाई की अवधि निर्धारित की है। इन निर्धारित अवधियों के दौरान संबंधित क्षेत्रों में बी-जी राम जी योजना के कार्य बंद रहेंगे।
ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों, कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही अधिसूचना को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया है।
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किसानों की लंबे समय से थी यह मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से किसान यह मांग उठा रहे थे कि धान और गेहूं की बुआई व कटाई के दौरान योजना के कार्यों के कारण बड़ी संख्या में मजदूर सरकारी कार्यों में लग जाते हैं। इससे खेतों में काम करने के लिए मजदूर नहीं मिल पाते थे और किसानों को अधिक मजदूरी देने के बावजूद परेशानी का सामना करना पड़ता था।
कई बार खेती के जरूरी कार्य भी समय पर पूरे नहीं हो पाते थे। सरकार के इस नए निर्णय से अब पीक सीजन में मजदूरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
किसानों का मानना है कि इससे खेती का काम समय पर होगा, उत्पादन में सुधार आएगा और उन्हें मजदूरों की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। ग्रामीण इलाकों में इस फैसले का व्यापक स्वागत किया जा रहा है और इसे किसान हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।