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कोसी स्नातक MLC सीट बचा पाएगी BJP? राजद के बाद कांग्रेस उम्मीदवार का होगा नामांकन, क्या वोटरों को लुभा पाएंगे PK

Published: Sun, 04 Oct 2026 02:12 PM (IST)

Bihar MLC Election 2026 : कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आगामी एमएलसी चुनाव का सियासी पारा चढ़ गया है। महागठबंधन ...और पढ़ें

Bihar MLC Election 2026: कोसी स्‍नातक क्षेत्र के प्रत्‍याशी।

Bihar MLC Election 2026: कोसी स्‍नातक क्षेत्र के प्रत्‍याशी।

HighLights

  1. महागठबंधन में राजद-कांग्रेस के अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में।

  2. भाजपा के डॉ. एन.के. यादव तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं।

  3. जन सुराज और निर्दलीय प्रत्याशियों से मुकाबला चतुष्कोणीय हुआ।

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Bihar MLC Election 2026: बिहार में आगामी चुनावी आहट के बीच कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। प्रबुद्ध मतदाताओं वाले इस प्रतिष्ठित सीट पर विपक्षी महागठबंधन के भीतर सामंजस्य का अभाव एक बार फिर खुलकर सतह पर आ गया है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा खगड़िया के नीतेश कुमार यादव को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद अब कांग्रेस ने भी अपने पुराने और निष्ठावान नेता मनोज कुमार जायसवाल को चुनावी मैदान में उतार दिया है। दोनों सहयोगी दलों के आमने-सामने आने से महागठबंधन के भीतर खुला घमासान शुरू हो गया है। वहीं, जन सुराज पार्टी के ताल ठोकने से यह मुकाबला चतुष्कोणीय और बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।

एनडीए की ओर से भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और लगातार 12 वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे वर्तमान विधान पार्षद (एमएलसी) डॉ. एन.के. यादव ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। पूरे एनडीए कुनबे के एकजुट समर्थन के साथ डॉ. यादव लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए 'हैट्रिक' लगाने के इरादे से मैदान में डटे हैं।

1990 से कांग्रेसी रहे मनोज जायसवाल पर दांव

महागठबंधन की ओर से राजद ने खगड़िया निवासी नीतेश कुमार यादव को चुनावी समर में उतारा है, जिन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। राजद के इस एकतरफा फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए अररिया जिले के फारबिसगंज निवासी मनोज कुमार जायसवाल को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है।

5 को भरेंगे पर्चा

मनोज जायसवाल वर्ष 1990 से ही पार्टी संगठन से जुड़े पुराने और समर्पित कांग्रेसी कार्यकर्ता रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मनोज जायसवाल पांच अक्टूबर को अपने समर्थकों के साथ निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष पर्चा दाखिल करेंगे।

कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र: सियासी बिसात एक नजर में

  • वर्तमान एमएलसी व भाजपा (एनडीए) प्रत्याशी: डॉ. एन.के. यादव (विगत 12 वर्षों से काबिज, तीसरी बार मैदान में, नामांकन संपन्न)।

  • राजद प्रत्याशी: नीतेश कुमार यादव (निवासी: खगड़िया, नामांकन दाखिल)।

  • कांग्रेस प्रत्याशी: मनोज कुमार जायसवाल (निवासी: फारबिसगंज, अररिया; वर्ष 1990 से पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता, 5 अक्टूबर को नामांकन)।

  • जन सुराज पार्टी (प्रशांत किशोर): डॉ. रजनीश (5 अक्टूबर को नामांकन)।

  • सियासी फैक्टर: कांग्रेस व राजद के अलग लड़ने से सीमांचल और कोसी में गैर-भाजपा वोटों का बिखराव; एनडीए को सीधे चुनावी लाभ के संकेत।

इधर, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने भी पारंपरिक दलों के समीकरण में सेंधमारी के लिए डॉ. रजनीश को मैदान में उतार दिया है। डॉ. रजनीश भी पांच अक्टूबर को ही अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इसके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी ताल ठोकने की तैयारी में हैं।

सीमांचल में वोटों का बिखराव

कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर मनोज कुमार जायसवाल के चुनावी रण में उतरने से राजद के लिए यह मुकाबला 'अग्निपरीक्षा' बन गया है। कोसी और सीमांचल क्षेत्र के 14 जिलों में फैले इस स्नातक क्षेत्र में अल्पसंख्यक, प्रबुद्ध, युवा और शिक्षित वोटरों पर राजद और कांग्रेस दोनों की ही मजबूत दावेदारी रही है। अब दोनों दलों के अलग-अलग लड़ने से इस कोर सेक्युलर वोट बैंक में सीधा बिखराव तय है।

पप्पू यादव की सक्रियता से नया पेंच

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की कांग्रेस प्रत्याशी मनोज जायसवाल के पक्ष में सक्रियता सीमांचल के समीकरणों को और अधिक उलझाएगी। पप्पू यादव का सीमांचल के युवाओं, बुद्धिजीवियों और शिक्षकों के बीच खासा प्रभाव माना जाता है।

भाजपा की राह आसान होने के संकेत

विपक्ष के भीतर मचे इस घमासान को राजनीतिक विश्लेषक भाजपा प्रत्याशी डॉ. एन.के. यादव के लिए एक बड़ा 'शुभ संकेत' मान रहे हैं। जहां एक तरफ विपक्षी और गैर-भाजपा वोट राजद के नीतेश कुमार, कांग्रेस के मनोज जायसवाल, जन सुराज के डॉ. रजनीश और निर्दलीयों के बीच कई धड़ों में बंटते नजर आ रहे हैं।

दूसरी तरफ एनडीए का संगठित कैडर और पारंपरिक स्नातक मतदाता डॉ. यादव के पक्ष में लामबंद दिख रहा है। 5 अक्टूबर को नामांकन का दौर पूरा होने के बाद कोसी स्नातक की चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

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