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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Monsoon 2025: मानसून के लिए अभी करना होगा और इंतजार, मौसम विभाग ने दिया ताजा अपडेट

    Updated: Mon, 16 Jun 2025 07:56 PM (IST)

    बिहार में मानसून का इंतजार है लेकिन साइक्लोनिक सर्कुलेशन से मौसम बदला है। सीमांचल में हल्की बारिश हुई और तापमान में गिरावट आई पर उमस बरकरार है। मौसम व ...और पढ़ें

    मानसून के लिए अभी 48 घंटे करना होगा इंतजार
    मानसून के लिए अभी 48 घंटे करना होगा इंतजार

    HighLights

    1. पूर्णि‍या में मौसम बदला, हल्की बारिश
    2. मानसून का इंतजार अभी भी जारी
    3. उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। उत्तर-पूर्व क्षेत्र में करीब एक पखवाड़ा पूर्व ही पहुंचने के बावजूद फेवरेबल कंडीशन नहीं बनने से मानसून अभी वहीं अटका हुआ है जिस कारण बिहार में इसका प्रवेश नहीं हो पाया है। हालांकि, साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से पिछले दो दिनों में मौसम में बदलाव आया है, जिससे सीमांचल के किशनगंज सहित सीमावर्ती इलाकों में हल्की वर्षा हुई है।

    पूर्णिया में भी सोमवार को दोपहर बाद हवा का रुख बदलने और बादल के आने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। इस दौरान जिले के पूर्वी क्षेत्र सहित कई इलाके में वर्षा हुई है। डगरूआ में पिछले 24 घंटे में 27.4 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है, लेकिन जिला मुख्यालय में नाम मात्र की वर्षा हुई। मगर इससे दिन के तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। बावजूद उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे।

    मौसम केंद्र पूर्णिया द्वारा सोमवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री और न्यूनतम 28.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम केंद्र के सहायक विज्ञानी राकेश कुमार के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मौसम में परिवर्तन आया है जिससे सीमांचल के क्षेत्र में तेज हवा के साथ बादल भी आए हैं तथा कई जगहों पर हल्की वर्षा भी हुई है।

    यह स्थिति मानसून के लिए बेहतर है, लेकिन इसके प्रवेश में अभी कम से कम 48 घंटे का और इंतजार करना पड़ेगा। इस बीच जिले में मौसम सामान्य बना रहेगा। आसमान में आंशिक बादल के साथ तेज हवा, मेघगर्जन, वज्रपात की संभावना बनी रहेगी तथा हल्की वर्षा भी हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आएगी जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत रहेगी पर बादल के बीच धूप के चमकने से उमस भरी गर्मी का असर बना रहेगा।

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    बीते एक पखवाड़े से जिले के लोग भीषण गर्मी का असर झेल रहे हैं। तापमान लगातार उपर चढ़ता रहा तथा अधिकतम और न्यूनतम टेंपरेचर में भी काफी कम अंतर रहा जिससे काफी गर्मी का अहसास लोगों को होता रहा, जबकि मानसून का प्रवेश देश में जून के प्रथम सप्ताह में ही हो गया था तथा उसके बाद तेजी से यह उत्तर-पूर्व की दिशा में बढ़ कर सिक्किम तक पहुंच गया, लेकिन उसके बाद मानसून का उत्तर-पूर्वी सिरा निष्क्रिय हो गया जिससे वह अभी तक वहीं अटका हुआ है तथा राज्य के लोग भीषण गर्मी का असर झेल रहे हैं।

    गत वर्ष भी मानसून उसी क्षेत्र में अटका हुआ था जिस कारण करीब 19 दिन बाद 20 जून को सीमांचल के रास्ते प्रवेश किया था। इस बार भी मानसून के आने में देरी हो रही है। इस बीच तापमान 38 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर गया।

    रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन रविवार की शाम से मौसम के रूख में बदलाव आया है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के प्रवेश में अभी 48 से 72 घंटे का समय लग सकता है, लेकिन इस बीच पूरबा हवा के चलने और बादल के आने से तापमान में गिरावट आएगी। मंगलवार को भी आसमान में आंशिक बादल रहने व हल्की वर्षा भी होने की संभावना है, मगर उमस भरी गर्मी का असर अभी बना रहेगा।