यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bijli News: पूर्णिया DM ने घरों में लगे पुराने मीटर पर क्या कहा? स्मार्ट मीटर को लेकर दे दिया बड़ा सुझाव
पूर्णिया के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने पुराने मीटर के बारे में लोगों को समझाया। वहीं स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बारे में कहा कि बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह ...और पढ़ें

HighLights
- डीएम ने कहा नई तकनीक से युक्त स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं प्रदान करता है
- उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल से मिलता है छुटकारा, कार्यालय का चक्कर लगाने से मिलती है मुक्ति
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के हित में है। यह नई तकनीक से लैस मीटर है जिससे उपभोक्ताओं को कई लाभ मिलते हैं। इससे गलत बिजली बिल से छुटकारा मिल जाता है तथा बिजली की बचत करने में सहायता करता है। इसलिए सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए इसे अनिवार्य किया है।
अब पुराने मीटर वाले उपभोक्ताओं का कनेक्शन जारी नहीं रखा जाएगा। उक्त बातें जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कही।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर के संबंध में कई भ्रांतियां- डीएम
डीएम ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर के संबंध में कई भ्रांतियां फैला दी गई है। कहा जाता है कि स्मार्ट मीटर से बिल भुगतान पर कोई फायदा नहीं मिलता है जबकि सच्चाई यह है कि बैलेंस खत्म होने से पहले मीटर रिचार्ज कराने पर दो फीसद और ऑनलाइन रिचार्ज कराने पर एक फीसद की विशेष छूट दी जाताी है।
वहीं कहा जाता है कि औसत बिल आने की संभावना है जबकि यह मीटर सटीक बिलिंग करता है। तथा इससे दैनिक खपत की जानकारी मिलती है जिससे बिजली खपत कम की जा सकती है।
डीएम ने कहा कि यह भी मिथक है कि हर शिकायत के लिए बिजली ऑफिस जाना होगा। जबकि घर बैठे सुविधा एप के माध्यम से शिकायत आदि का निपटारा किया जाता है। यह मीटर बिजली खपत पर नियंत्रण में भी सहायता करता है।
बिजली खपत पर कर सकते हैं नियंत्रण
डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि आज डिजटिलाइजेशन ने दुनिया में बड़ा बदलाव आया है। इससे घर बैठे लोग अपने आवश्यक कार्य संचालित कर सकते हैं। बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट प्रीपेड उसी दिशा में उठाया गया कदम है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट बनाता है।
खबरें और भी
उपभोक्ता एप के माध्यम से साप्ताहिक व मासिक बिजली आपूर्ति की जानकारी ले सकते हैं। साथ ही बिजली खपत पर नियंत्रण कर बचत भी कर सकते हैं।
स्मार्ट मीटर बिजली बिल जमा करने के लिए पूर्व सूचना देता है जिस कारण उपभोक्ता अलर्ट हो जाते हैं तथा एप के माध्यम से या ऑनलाइन बिलिंग कराकर बिजली आपूर्ति चालू रख सकते हैं।
उपभोक्ता कहीं से भी घर का बिजली बिल जमा करा सकते हैं। रिचार्ज करने के बाद बिजली स्वत: आ जाती है। साथ ही बिजली कटने से पूर्व रिचार्ज कराने पर दो फीसद तक छूट मिल जाती है। जबकि आनलाइन जमा करने पर एक प्रतिशत की छूट मिलती है।
डीएम ने जानकारी दी कि छह माह या उससे अधिक अवधि का एकमुश्त रिचार्ज कराने पर बैंकों से भी अधिक ब्याज उपभोक्ताओं को विभाग देता है। बताया कि तीन से छह माह का एकमुश्त रिचार्ज करने पर सात फीसद का ब्याज दिया जाता है।
वहीं, दो हजार रुपये से अधिक और कम से कम तीन माह की बिजली खपत के बराबर रिचार्ज करने पर 6.75 फीसद ब्याज दर उपभोक्ताओं को दिया जाता है। डीएम ने उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाकर तथा एकमुश्त बिल जमा कर विशेष ब्याज दरों का लाभ उठाने की अपील की है।
डीएम ने स्मार्ट मीटर के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नार्मल मीटर और स्मार्ट मीटर में ऊर्जा गणना की प्रक्रिया में कोई अंतर नहीं है। लेकिन स्मार्ट मीटर में एक मोडेम लगा रहता है जो सिम के माध्यम से संपर्क स्थापित कर दैनिक बिल को बिलिंग साफ्टवेयर में आटोमेटिकलि भेजता है जिससे इसमें त्रुटि नहीं रहती है।
नहीं लिया जाता है स्मार्ट मीटर के लिए कोई भी शुल्क
कहा कि फ्रांस की मल्टीनेशनल कंपनी मेसर्स ईडीएफ शहरी क्षेत्र में मीटर लगाने का कार्य कर रही है। साथ ही गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जीनस एवं एलएनटी कंपनी का मीटर लगाया जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का कोई शुल्क भी उपभोक्ता से नहीं लिया जाता है।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर में दैनिक आधार पर कटौती राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के साथ की जाती है। डीएम ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए पुरी तरह सेफ और फायदेमंद है। इसलिए सरकार ने इसे सभी उपभोक्ताओं के घरों में लगाने का निर्देश दिया है। पुराने मीटर वाले बिजली कनेक्शन को अब जारी नहीं रखा जाएगा। इसलिए सभी उपभोक्ता अपने अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगाएं और स्मार्ट बनें।