बिहार के सीमांचल को ₹32000 करोड़ की सौगात : मोरग्राम से किशनगंज के बीच बनेगा 220 KM लंबा एक्सप्रेसवे, जल्द बनेगा DPR
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में 32,000 करोड़ रुपये की लागत से मोरग्राम-किशनगंज 220 किमी लंबा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे बनेगा, जिसके लिए डीपीआर तैयार करने का ...और पढ़ें

बिहार सीमांचल की बदलेगी तस्वीर: मोरग्राम से किशनगंज के बीच बनेगा 220 किमी लंबा नया एक्सप्रेस हाईवे, डीपीआर तैयार
HighLights
मोरग्राम-किशनगंज 220 किमी एक्सप्रेसवे 32,000 करोड़ की लागत से बनेगा।
यह हाईवे सीमांचल के आर्थिक विकास और व्यापार को गति देगा।
किशनगंज के 53 गांवों से गुजरेगा, रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। बिहार के सीमांचल क्षेत्र में रोड कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय और मजबूत करने के लिए जल्द ही एक नए हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू होने जा रहा है। पश्चिम बंगाल के मोरग्राम से बिहार के किशनगंज के बीच बनने वाले इस नए एक्सप्रेस हाईवे के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी को सौंप दी गई है।
महानंदा सभागार में हुई हाई-लेवल स्टेकहोल्डर्स की बैठक
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर शनिवार को पूर्णिया के महानंदा सभागार में एक महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
डीएम अंशुल कुमार की अध्यक्षता में हुआ मंथन
इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार ने की, जिसमें बिहार और पश्चिम बंगाल के एनएचएआई (NHAI) अधिकारी मौजूद रहे।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा नया हाईवे
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 220 किलोमीटर लंबा यह नया मोरग्राम-किशनगंज हाईवे आगे चलकर किशनगंज में सीधे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और बाधाओं को दूर करने पर हुई चर्चा
समीक्षा बैठक के दौरान हाईवे निर्माण के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण और इसके रास्ते में आने वाली सभी तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
रायगंज और बारसोई के रास्ते किशनगंज पहुंचेगा एक्सप्रेसवे
यह नया मोरग्राम-किशनगंज एक्सप्रेसवे पश्चिम बंगाल के रायगंज से शुरू होकर बिहार के बारसोई के रास्ते किशनगंज तक का सफर तय करेगा।
लॉजिस्टिक्स और यात्रियों का समय होगा बेहद कम
यह मार्ग मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल और बिहार को सीधे जोड़ेगा, जिससे व्यावसायिक वाहनों (लॉजिस्टिक्स) और आम यात्रियों के सफर का समय काफी कम हो जाएगा।
किशनगंज जिले के 53 राजस्व गांवों से गुजरेगा रूट
यह एक्सप्रेसवे रूट किशनगंज जिले के कुल 53 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी में बहुत बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
बहादुरगंज और टेढ़ागाछ प्रखंड के गांवों को मिलेगा फायदा
इस निर्धारित रूट में किशनगंज के बहादुरगंज प्रखंड के 24 राजस्व गांव और टेढ़ागाछ प्रखंड के 6 राजस्व गांव मुख्य रूप से शामिल हैं। इस विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर सड़क परियोजना के निर्माण पर करीब 32,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत आने का अनुमान लगाया गया है।
सर्वे और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट का काम हुआ तेज
इस भारी-भरकम बजट वाली परियोजना के लिए फिलहाल जमीनी सर्वे और फाइनल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। एक्सप्रेसवे के पूरा होने से उत्तरी बंगाल और पूर्वी बिहार के बीच एक सीधा, निर्बाध और उच्च गति वाला सड़क नेटवर्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
सीमांचल के आर्थिक विकास के लिए बनेगा 'गेम-चेंजर'
यह मोरग्राम-किशनगंज एक्सप्रेसवे और रायगंज-किशनगंज हाई-स्पीड कॉरिडोर पूरे सीमांचल क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। यह नई सड़क परियोजना क्षेत्र में पर्यटन, अंतर-राज्यीय व्यापार और परिवहन को अभूतपूर्व गति देगी, जिससे रियल एस्टेट सेक्टर में भी भारी उछाल आएगा।
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बिहार, बंगाल और झारखंड के बीच बढ़ेगा बिजनेस
इस इंटरनेशनल स्टैंडर्ड हाईवे के निर्माण से बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्यों के बीच आपसी व्यापार और व्यावसायिक गतिविधियों को सीधा बढ़ावा मिलेगा।
बड़ी योजना: मोरग्राम से किशनगंज के बीच 32,000 करोड़ की लागत से 220 किमी लंबा नया हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे बनेगा, जिसकी समीक्षा बैठक पूर्णिया में संपन्न हुई।
रूट मैप: यह एक्सप्रेसवे बंगाल के रायगंज और बिहार के बारसोई से होकर गुजरेगा और किशनगंज जिले के 53 राजस्व गांवों को सीधे प्रभावित करेगा।
आर्थिक लाभ: यह प्रोजेक्ट बिहार, बंगाल और झारखंड के बीच व्यापार बढ़ाएगा और हाईवे के किनारे लॉजिस्टिक हब बनने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के ढेरों अवसर मिलेंगे।
हाईवे के किनारे बनेंगे बड़े लॉजिस्टिक सेंटर्स और गोदाम
इस रूट के चालू होने से हाईवे के किनारे बड़े-बड़े वेयरहाउसिंग (गोदाम), सर्विस स्टेशन और मॉडर्न लॉजिस्टिक सेंटर्स का विकास होगा, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगे।
औद्योगिक निवेश और नई फैक्ट्रियों के खुलेंगे द्वार
माल की आवाजाही आसान और तेज होने से सीमांचल के इस इलाके में नई फैक्ट्रियां और उद्योग लगाने में देश-विदेश के बड़े निवेशकों की रुचि काफी बढ़ेगी।
निवासियों के जीवन स्तर को उठाने का मजबूत स्तंभ
यह विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना न केवल सफर को आसान और सुरक्षित बनाएगी, बल्कि सीमांचल के निवासियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में एक मजबूत आर्थिक स्तंभ बनेगी।