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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pappu Yadav : रंगदारी केस के पीछे कौन? पप्पू यादव ने नए बयान से मचाई खलबली, कहा- चुनाव में हारने के बाद ये लोग...

    Updated: Wed, 12 Jun 2024 03:07 PM (IST)

    Bihar Politics पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया गया है। इस मामले में उन्होंने खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि छवि को ...और पढ़ें

    पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव। फोटो- जागरण
    पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. फर्नीचर व्यवसायी के आरोप को पप्पू ने बताया राजनीति से प्रेरित
    2. आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो- पप्पू यादव

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Bihar Politics News Hindi फर्नीचर व्यवसाय द्वारा रंगदारी मांगने के मामले को पूर्णिया के नवनिर्वाचित सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह मामला मेरी राजनीतिक छवि बिगाड़ने की एक साजिश है। जिसको मैं जानता तक नहीं, उसके द्वारा यह आरोप लगाना भी बिल्कुल निराधार है और सच सबके सामने आए, इसके लिए मैं सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इसकी जांच की मांग करता हूं।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्र और प्रदेश स्तर पर यह मेरी छवि को धूमिल और दागदार करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि पूर्णिया लोकसभा में जनता के जनादेश के बाद राष्ट्रीय स्तर पर मिल रहे सम्मान से विरोधियों को हजम नहीं हो रही है, जिससे वे इस तरह की ओछी हरकत पर उतर आए हैं।

    सांसद पप्पू यादव के विरुद्ध दर्ज एफआईआर की हो उच्चस्तरीय जांच

    Bihar News पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की देश स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता से कुछ प्रतिद्वंदी राजनेता ने घबराकर और साजिश रचकर एक विवादास्पद व्यापारी के माध्यम से रंगदारी मांगने का झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। चुनाव में करारी हार से घबराए लोग अब इस तरह की ओछी राजनीति पर उतर आए हैं।

    इस साजिश में जिला प्रशासन के अधिकारी भी संलिप्त लगते हैं। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उक्त बातें युवा नेता और पप्पू यादव के सहयोगी राजेश यादव ने बयान जारी कर कही है।

    श्री यादव ने कहा कि एफआईआर को पढ़ने से ही पूरी कहानी मनगढ़ंत लगती है। जब फर्नीचर व्यवसायी से वर्ष 2021 से ही रंगदारी मांगी जा रही थी तो फिर इतने दिनों से वे चुप क्यों थे।

    उन्होंने कहा कि उक्त व्यवसायी पर बीते वर्ष के हाट थाना में भी रंगदारी का मुकदमा दर्ज है और अन्य कई मामले भी उसके खिलाफ दर्ज हैं। कहा कि उसकी गतिविधि हमेशा से संदिग्ध रही है, इसकी जांच होनी चाहिए। श्री यादव ने कहा कि जब निष्पक्ष जांच होगी तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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