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    16 लाख के बिल पर 46 हजार का कमीशन, पूर्णिया में घूसखोर BDO रंगे हाथ गिरफ्तार

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 07:50 PM (IST)

    पूर्णिया में विशेष निगरानी इकाई ने बैसा प्रखंड के बीडीओ राजकुमार चौधरी को 46 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक वेंडर की ...और पढ़ें

    16 लाख के बिल पर 46 हजार का कमीशन, पूर्णिया में घूसखोर BDO रंगे हाथ गिरफ्तार

    16 लाख के बिल पर 46 हजार का कमीशन, पूर्णिया में घूसखोर BDO रंगे हाथ गिरफ्तार

    HighLights

    1. बैसा बीडीओ राजकुमार चौधरी 46 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार।

    2. विशेष निगरानी इकाई ने पूर्णिया में रंगे हाथों पकड़ा।

    3. सरकारी योजनाओं के भुगतान के लिए मांगी थी रिश्वत।

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। विशेष निगरानी इकाई ने बैसा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी राज कुमार चौधरी को 46 हजार रिश्वत लेते गुरुवार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विशेष निगरानी इकाई की टीम ने बीडीओ को उनके आवास से उस वक्त गिरफ्तार किया जब वे रिश्वत की रकम ले रहे थे।

    बताया जाता है कि विशेष निगरानी इकाई के पास बैसा के प्रखंड विकास पदाधिकारी राज कुमार चौधरी द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत राज किरण, पिता-स्व सरोज कुमार, ग्राम-कजिया, पोस्ट-अनगढ़, थाना अनगढ़, जिला पूर्णिया ने लिखित रूप से की थी।16 लाख के बिल पर 46 हजार का कमीशन, पूर्णिया में घूसखोर BDO रंगे हाथ गिरफ्तार

    शिकायत के सत्यापन के बाद विशेष निगरानी इकाई ने इसे सही पाया तथा गुरुवार को 46 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी को शुक्रवार को विशेष निगरानी इकाई पटना के निगरानी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

    विशेष निगरानी इकाई ने राज किरण के लिखित शिकायत के आधार पर राजकुमार चौधरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, बैसा के विरुद्ध धारा 07 भ्रष्टाचार निरोधक कानुन 1988 के तहत कांड संख्या-21/2026 दर्ज किया है।

    बताया जाता है कि वेंडर शिकायतकर्ता राज किरण ने आरोप लगाया था कि बैसा प्रखंड मे उसके द्वारा सरकारी योजनाओं में 16 लाख की निर्माण सामग्री उपलब्ध कराया गया था। राजकुमार चौधरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा 16 लाख के भुगतान के लिए वेंडर से 46,000 रिश्वत की माग कर रहे थे।

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    शिकायतकर्ता द्वारा कई बार भुगतान का अनुरोध करने के बाद भी जब सोलह लाख बकाए का भुगतान नहीं किया गया तब वेंडर ने इस बात की शिकायत विशेष निगरानी इकाई के पास की। जिसके बाद रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए राजकुमार चौधरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।