हाथों की मेहंदी लगाकर देखती रही बेटी, पिता करते रहे अंतिम संस्कार, अब होगा श्राद्ध, पूर्णिया पहुंचे पंडित
Purnia Inter Caste Marriage Father Performs Living Daughter Last Rites: पूर्णिया में एक पिता ने अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाली ...और पढ़ें

Purnia Inter Caste Marriage Father Performs Living Daughter Last Rites: पूर्णिया में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का किया अंतिम संस्कार; अब श्राद्ध की तैयारी
HighLights
पूर्णिया में पिता ने जीवित बेटी का किया अंतिम संस्कार।
बेटी ने अंतरजातीय प्रेम विवाह कर पति का पक्ष लिया।
आहत पिता अब बेटी के श्राद्ध कर्म की तैयारी में।
संवाद सूत्र, हरदा (पूर्णिया)। Purnia Inter Caste Marriage Father Performs Living Daughter Last Rites:अपनी संतानों के सुनहरे भविष्य के लिए माता-पिता अपना खून-पसीना एक कर देते हैं, लेकिन जब वही संतान सामाजिक मर्यादाओं और पारिवारिक भावनाओं को दरकिनार कर अपनी राह चुन ले, तो आहत माता-पिता का दर्द कई बार असाधारण और स्तब्ध करने वाले रूप में सामने आता है। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और अजीबोगरीब मामला पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड अंतर्गत चपय गांव से सामने आया है।
यहां दूसरी जाति के लड़के से प्रेम विवाह करने से क्षुब्ध एक पिता ने अपनी जीवित बेटी का बाकायदा अंतिम संस्कार कर दिया। पिता का आक्रोश यहीं शांत नहीं हुआ, अब परिवार के सदस्य जीवित बेटी के विधिवत श्राद्ध कर्म की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इसके लिए पंडित को भी बुलाया गया है। हाथों की मेहंदी का रंग अभी फीका भी नहीं पड़ा था कि बेटी के जीते-जी उसके श्राद्ध की तैयारी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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मिली जानकारी के अनुसार, चपय गांव निवासी मनोज गोस्वामी एक छोटे किसान हैं। वे खेती-किसानी से होने वाली सीमित आय से अपने परिवार का भरण-पोषण करने के साथ-साथ अपने तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाते रहे हैं। तीनों संतानों में उनकी बड़ी बेटी रिया सबसे होनहार थी और वह बीए पार्ट-1 की छात्रा है। मनोज गोस्वामी बेटी की उच्च शिक्षा को लेकर हमेशा बेहद सजग रहते थे और उससे पूरे परिवार के अनगिनत अरमान जुड़े हुए थे।
पूर्णिया जिले के केनगर प्रखंड अंतर्गत चपय गांव का सनसनीखेज मामला; अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने जीवित बेटी का किया अंतिम संस्कार
बीए पार्ट-1 की छात्रा रिया ने 8 सितंबर को गांव के ही दूसरी जाति के युवक संग रचाई थी शादी; कोर्ट में प्रेमी के पक्ष में दिया बयान
ससुराल से महज 150 मीटर की दूरी पर स्थित मायके में चल रही श्राद्ध कर्म की तैयारी; नाते-रिश्तेदारों को भेजा जा रहा न्योता
बेटी के फैसले से सामाजिक प्रतिष्ठा धूलधूसरित होने का आरोप; आहत पिता मनोज गोस्वामी बोले- 'सारे अरमान तोड़े, अब हमेशा के लिए खत्म हुआ रिश्ता'
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बीते आठ सितंबर को रिया अचानक घर से लापता हो गई और उसने दूसरी जाति के एक युवक के साथ भागकर प्रेम विवाह कर लिया। घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर मरंगा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। तीन दिन पूर्व पुलिस ने युवती को बरामद कर न्यायालय में उसका 164 का बयान दर्ज कराया।
कोर्ट में प्रेमी के पक्ष में बयान से टूटा पिता का दिल
अदालत में पेशी के दौरान रिया ने अपने माता-पिता के बजाय अपने पति के पक्ष में बयान दे दिया। इस बयान ने पिता को भीतर तक झकझोर दिया। आहत पिता मनोज गोस्वामी ने कहा कि उन्होंने पेट काटकर जिस बेटी के सपनों को संजोया था, उसी ने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मान-सम्मान को एक झटके में तार-तार कर दिया।
बेटी द्वारा इस तरह मुंह मोड़ लेने से आहत पिता ने उससे जीवन भर का नाता हमेशा-हमेशा के लिए तोड़ने का ऐलान कर दिया। इसके बाद उन्होंने गांव के समीप प्रतीकात्मक रूप से जीवित बेटी का अंतिम संस्कार (दाह संस्कार) कर दिया और घोषित कर दिया कि उनके लिए उनकी बड़ी बेटी अब मर चुकी है। इस दृश्य को दूर से यानी प्रेमी के घर से रिया देखती रही। पिताजी अंतिम संस्कार करते रहे।
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ससुराल से 150 मीटर दूर मायके में श्राद्ध की तैयारी
घटना का सबसे मार्मिक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि रिया ने जिस युवक से विवाह किया है, उसका घर उसके मायके से महज 150 मीटर की दूरी पर स्थित है। रिया के ससुराल (प्रेमी के घर) से कुछ ही दूरी पर स्थित उसके अपने मायके में उसके श्राद्ध की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।
अंग, बंग और मिथिलांचल की मिश्रित लोक संस्कृति वाले इस सीमांचल क्षेत्र की परंपरा के अनुसार कन्या पक्ष का श्राद्ध कर्म तीन दिनों में संपन्न कराने की प्रथा है। इसी परंपरा का पालन करते हुए मनोज गोस्वामी अपनी जीवित बेटी का तीन दिवसीय श्राद्ध कर्म कराने के निर्णय पर अडिग हैं। इसके लिए बकायदा नाते-रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों को न्योता भेजा जा रहा है।
इंटरनेट मीडिया पर जहां इस घटना को लेकर तरह-तरह की बहस छिड़ी हुई है, वहीं स्थानीय ग्रामीण पिता के इस दर्द और आत्मसम्मान की रक्षा के कदम के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि पिता के इस निर्णय की आलोचना भी खूब हो रही है।
