पूर्णिया में मौसम की मार के बाद अब बाजार की चोट, औने-पौने दाम में मक्का बेचने को मजबूर किसान
पूर्णिया के धमदाहा में किसान मौसम की मार के बाद अब मक्के की फसल का उचित दाम न मिलने से ...और पढ़ें

पूर्णिया में मौसम की मार के बाद अब बाजार की चोट

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, धमदाहा (पूर्णिया)। आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे किसानों के सामने अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। खेतों में महीनों की मेहनत से तैयार हुई मक्का की फसल को किसी तरह सुरक्षित खलिहान तक पहुंचाने वाले किसानों को अब उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। हालात ऐसे हैं कि किसान अपनी उपज को लागत से भी कम कीमत पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि इस बार मौसम ने पहले ही खेती की कमर तोड़ दी। तेज आंधी और बारिश के कारण कई जगहों पर फसल खेतों में गिर गई, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद किसानों ने मजदूर लगाकर और अतिरिक्त खर्च कर किसी तरह मक्का को खेतों से निकालकर खलिहान तक पहुंचाया, लेकिन अब बाजार में खरीदारों द्वारा बेहद कम कीमत लगाई जा रही है।
स्थानीय किसानों के अनुसार वर्तमान समय में व्यापारी मक्का की कीमत लगभग 1700 रुपये प्रति क्विंटल तय कर खरीदारी करना चाह रहे हैं। जबकि पिछले वर्ष सीजन की शुरुआत में यही मक्का करीब 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। ऐसे में किसानों को प्रति क्विंटल सैकड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से मक्का खरीद को लेकर कोई ठोस नीति नहीं होने के कारण व्यापारी मनमाने तरीके से कीमत तय कर रहे हैं। मजबूरी में किसानों को अपनी उपज औने-पौने दाम में बेचनी पड़ रही है, क्योंकि लंबे समय तक फसल को घर या खलिहान में सुरक्षित रखना भी आसान नहीं है।
किसानों का कहना है कि खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और मशीनों का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन उपज का उचित दाम नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। कई किसानों ने चिंता जताई कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में किसान मक्का की खेती से दूरी बनाने लगेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों लगभग हर चौपाल और बाजार में किसानों की यही पीड़ा सुनाई दे रही है। किसानों ने सरकार से अविलंब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की व्यवस्था करने तथा मक्का के लिए सशक्त स्थायी बाजार नीति बनाने की मांग की है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।