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    पूर्णिया में PM आवास योजना बेपटरी : फंड की कमी से 1100 लाभार्थियों का भुगतान अटका, अधूरे आशियाने में रहने को मजबूर गरीब

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 04:39 PM (IST)

    पूर्णिया के धमदाहा में प्रधानमंत्री आवास योजना फंड की कमी के कारण ठप पड़ गई है। करीब 1100 लाभार्थी अपनी किस्तों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कई घर अधूर ...और पढ़ें

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)

    HighLights

    1. 1100 लाभार्थी फंड के अभाव में किस्तों का इंतजार कर रहे।

    2. 400 लाभार्थियों के मकान दूसरी किस्त के अभाव में अधूरे पड़े।

    3. 700 परिवारों को पहली किस्त न मिलने से काम शुरू नहीं।

    संवाद सूत्र, धमदाहा (पूर्णिया)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत गरीबों को पक्का मकान देने की सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पूर्णिया के धमदाहा क्षेत्र में आवंटन (फंड) के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है। स्थिति यह है कि करीब 1100 लाभार्थी पिछले एक साल से अपनी किस्त की राशि का इंतजार कर रहे हैं। समय पर भुगतान न होने के कारण कई लोगों के आशियाने अधूरे पड़े हैं, तो कई पहली किस्त न मिलने के कारण काम शुरू तक नहीं कर पाए हैं।

    400 लाभार्थियों का मकान बीच में अटका

    जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के करीब 400 लाभार्थियों की दूसरी किस्त लंबे समय से लंबित है। पहली किस्त मिलने के बाद इन लोगों ने जैसे-तैसे निर्धारित स्तर तक मकान का निर्माण तो करा लिया, लेकिन दूसरी किस्त न मिलने से काम बीच में ही ठप हो गया। खुले आसमान के नीचे पड़े ये अधूरे मकान अब धूप और बारिश की मार झेल रहे हैं, जिससे ईंट-बालू जैसी निर्माण सामग्रियां भी खराब हो रही हैं।

    700 परिवारों को पहली किस्त का इंतजार, बारिश में सता रहा डर

    योजना में चयन होने और सभी कागजी प्रक्रियाएं पूरी करने के बावजूद लगभग 700 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनके खाते में पहली किस्त की राशि भी नहीं पहुंच सकी है। इसके चलते गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना अधूरा है और वे आज भी जर्जर व कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। मानसून के इस मौसम में इन परिवारों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं। कच्चे मकानों में रह रहे इन लोगों को हर वक्त घर गिरने या जलजमाव का डर सताता रहता है।

    ब्लॉक के चक्कर काट कर थके ग्रामीण

    परेशान लाभार्थियों का कहना है कि वे किस्त की गुहार लेकर कई बार प्रखंड कार्यालय (ब्लॉक) का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें 'फंड आते ही भुगतान करने' का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है। किस्त अटकने से योजना की रफ्तार पूरी तरह थम गई है और अब ग्रामीणों की उम्मीदें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

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    "सरकार की ओर से आवंटन (फंड) उपलब्ध नहीं होने के कारण लाभार्थियों का भुगतान लंबित है। जैसे ही राज्य/केंद्र से राशि प्राप्त होगी, प्राथमिकता के आधार पर सभी लंबित लाभार्थियों के बैंक खातों में पहली और दूसरी किस्त ट्रांसफर कर दी जाएगी। फंड आते ही भुगतान में कोई देरी नहीं की जाएगी।"

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    - प्रकाश कुमार, बीडीओ, धमदाहा (पूर्णिया)।