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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Shankar Singh: कौन हैं निर्दलीय शंकर सिंह? बीमा भारती के साथ JDU के गढ़ को भी कर दिया ध्वस्त

    Updated: Sat, 13 Jul 2024 06:37 PM (IST)

    Bihar Politics बिहार के पूर्णिया जिले में रूपौली विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार शंकर सिंह ने जदयू के उम्मीदवार कलाधर प्रसाद मंडल को 8246 मतों ...और पढ़ें

    रुपौली में जीते निर्दलीय उम्मीदवार शंकर सिंह (जागरण)
    रुपौली में जीते निर्दलीय उम्मीदवार शंकर सिंह (जागरण)

    HighLights

    1. शंकर सिंह ने रुपौली में जेडीयू का किला ध्वस्त कर दिया
    2. शंकर सिंह रुपौली से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरे थे
    3. शंकर सिंह रुपौली में बाहुबली नेता के तौर पर माने जाते हैं

    डिजिटल डेस्क, पूर्णिया। Rupauli Upchunav Result 2024: बिहार की रुपौली विधानसभा सीट पर उपचुनाव का परिणाम इस बार बेहद चौंकाने वाले रहे हैं। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी शंकर सिंह ने जेडीयू और आरजेडी के धुरंधरों को हराकर सभी को हैरान कर दिया। शंकर सिंह ने जेडीयू के कलाधर मंडल को 8246 मतों से हरा दिया। वहीं, बीमा भारती को 30619 मत प्राप्त हुए हैं और वह 37451 वोट से हार गईं।

    आइए जानते हैं कौन हैं निर्दलीय उम्मीदवार शंकर सिंह जिन्होंने जेडीयू और आरजेडी के उम्मीदवारों धूल चटा दिया।

    कौन हैं निर्दलीय उम्मीदवार शंकर सिंह?

    शंकर सिंह इस इलाके में बाहुबली नेता के तौर पर जाने जाते हैं। शंकर सिंह ने 2005 में सियासत में एंट्री ली थी। उन्होंने इस दौरान रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे। शंकर सिंह बिहार लिबेरेशन आर्मी के कमांडर रहे हैं। रुपौली में इनकी अच्छी खासी पैठ मानी जाती है।

    अगड़ी जाति में अच्छी छवि

    शंकर सिंह की छवि अगड़ी जाति में अच्छी मानी जाती है। हालांकि, इस बार उन्हें पिछड़ी जाति का वोट मिला है। जेडीयू से टिकट नहीं मिलने के बाद इन्होंने निर्दलीय उतरने का फैसला लिया। इनके सामने जेडीयू के कलाधर मंडल और आरजेडी की बीमा भारती थीं।

    शंकर सिंह पर 9 मुकदमे

    चुनावी हलफनामा के मुताबिक इनके ऊपर कुल 9 मुकदमे हैं। इनमें हत्या के प्रयास, उगाही, एससी-एसटी के खिलाफ जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करना शामिल हैं। वहीं इनकी पत्नी इनसे ज्यादा टैक्स भरती हैं। ये सभी केस कोर्ट में विचाराधीन हैं।

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    शंकर ने अगड़ी के साथ-साथ पिछड़ी जाति को गोलबंद करने में सफल रहे

     शंकर सिंह काफी दिनों से सभी समाज के लोगों के बीच अपनी सक्रियता दिखा रहे थे। उनकी इस सक्रियता का  असर दिखा कि वह इस सीट पर गोलबंदी करने में सफल रहे।

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