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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Road Construction: करगहर विधानसभा क्षेत्र में बिछेगा सड़कों का जाल, 42 मुख्य मार्गों की बदल जाएगी सूरत; LIST

    Updated: Sun, 17 Nov 2024 10:16 AM (IST)

    करगहर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सड़क उन्नयन योजना के तहत 42 सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिली है जिनमें से 2 ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. 11 किलोमीटर खुर्माबाद-चिलबिली पथ का होगा निर्माण
    2. 10.5 किलोमीटर उसरांव-बडहरी पथ का होगा निर्माण

    संवाद सूत्र, परसथुआ (रोहतास)। करगहर विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछेगा। मुख्यमंत्री सड़क उन्नयन योजना के तहत कुल 42 सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिली है।

    इसकी जानकारी देते हुए विधायक संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री सड़क उन्नयन योजना के तहत विधान सभा क्षेत्र के करगहर, कोचस और शिवसागर प्रखंड में कुल 42 सड़कों को स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 23 सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर के लिए भेजा गया है।

    वहीं, शेष 19 सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण सडकें जिनकी लंबाई दस किलोमीटर या इससे अधिक है, उन सडकों को मुख्यमंत्री उन्नयन सड़क योजना के तहत सुदृढ़ीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य भी किया जाएगा।

    इन सड़कों की बदल जाएगी सूरत

    इसमें 14.5 किलोमीटर करगहर फुली पथ, 19.5 किलोमीटर करगहर-बडहरी धर्मपुरा पथ, 27 किलोमीटर बरांव-जहानाबाद पथ,10.5 किलोमीटर उसरांव-बडहरी पथ, 13.5 किलोमीटर बलथरी-कपसिया हटना पटना पथ, 12 किलोमीटर एनएच 30 से सरेया-फुली होते हुए नुआव पथ, छह किलोमीटर करगहर राजवाहा से एनएच 30 होकर कुछिला होते हुए कैमूर जिले के विक्रमपुर तक जाने वाली सड़क, 11 किलोमीटर खुर्माबाद-चिलबिली पथ और 1.35 किलोमीटर हेलहा-बठोरी पथ शामिल हैं।

    इन सड़कों का काम शुरू

    इनमें से करगहर-फुली पथ समेत कुछिला होते हुए कैमूर के विक्रमपुर,बलथरी कपसिया हटना पटना पथ, एनएच 30 से सरेया फुली नुआवं पथ का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है।

    वहीं, पुनर्निर्माण के लिए अनुशंसित पुल पुलिया भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विकास के प्रति संकल्पित हूं। बुनियादी सुविधाएं आम जनता के पास पहुंचाना मेरा लक्ष्य है।

    नवीनतम तकनीक से बनेगी शाहपुर-जगदीशपुर सड़क

    उधर, तीन राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने वाली शाहपुर से बनाही स्टेशन, महुआंव व शिवपुर होते हुए जगदीशपुर तक जाने वाली सड़क नई एफडीआर तकनीक से बनेगी। सड़क निर्माण के क्षेत्र में यह तकनीक से बनने वाली जिले की पहली सड़क होगी। सड़क निर्माण का कार्य अगले कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी।

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    यह सड़क शाहपुर से होकर गुजरने वाली एनएच 84, आरा-बक्सर फोरलेन एनएच 922 तथा आरा-मोहनियां एनएच 30 को आपस मे जोड़ेगी। जिससे शाहपुर, बिहिया तथा जगदीशपुर प्रखंड के लाखों लोगों को फायदा होगा।

    लगभग 11 किलोमीटर में बनने वाली इस सड़क के लिए सरकार द्वारा करीब 10 करोड़ 38 लाख रुपये आवंटित की गई है। पिछले दो वर्षों से यह महत्वपूर्ण सड़क पुरानी तकनीक और नई तकनीक से निर्माण करने की पेंच में फंसी हुई थी।

    ग्यारह करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण

    करीब ग्यारह करोड़ की लागत से निर्माण होने वाली सड़क के लिए निविदा की सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही संवेदकों का भी चयन हो चुका है। सड़क निर्माण की यह नवीनतम तकनीक एफडीआर के नाम से जानी जाती है। नवीनतम तकनीक फुल डेफप्त रिकलेमेशन टेक्नोलॉजी से बनाने की कवायद शुरू हो गई।

    अब यह सड़क नई तकनीक के माध्यम से बनाया जाएगा। इस नवीनतम तकनीक के तहत सड़क के सामग्री को निकाल कर उसमें सामग्री मिलकर उसके द्वारा ही इसके निर्माण की जाएगी। जिससे सड़क की ऊंचाई जैसे पहले थी, उसी तरह रहेगी, लेकिन मजबूत बनेगी।

    आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता धीरज कुमार के अनुसार नई तकनीक के तहत ही सड़क निर्माण के लिए निविदा हो चुकी हैं। अगले कुछ ही दिनों में सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाएगी।

    स्थानीय विधायक राहुल तिवारी ने कहा कि इस सड़क के बन जाने के बाद शाहपुर व बिहिया प्रखंड के लोगों को जगदीशपुर जाने में काफी सहूलियत होगी और समय की भी बचत होगी।

    क्या है एफडीआर

    फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (एफडीआर) एक रिसाइकिलिंग पद्धति है। इसमें बहुत ही कम संसाधनों में टिकाऊ सड़कें बनाई जा सकती हैं। खराब हो चुकी पक्की सड़क को उखाड़कर उससे निकलने वाले मटेरियल में केमिकल मिलाकर नया मटेरियल तैयार किया जाता है और फिर उसे सड़क पर डाला जाता है।

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