Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Train Accident: हादसे के बाद भी सतर्क नहीं रेलवे प्रशासन? डेंजर जोन लाइन पर कई जगह खुले मिले पटरियों के क्लिप

    By dhanjay kumarEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Thu, 12 Oct 2023 10:20 PM (GMT+05:30)

    बिहार ट्रेन हादसे के बाद भी रेलवे प्रशासन सतर्क नहीं दिख रहा है। आरा-सासाराम रेलखंड पर हाई स्पीड में ट्रेन दौड़ती है। यह रेल लाइन डेंजर जोन में आती है ...और पढ़ें

    हादसे के बाद भी सतर्क नहीं रेलवे प्रशासन? डेंजर जोन लाइन पर कई जगह खुले मिले पटरियों के क्लिप
    हादसे के बाद भी सतर्क नहीं रेलवे प्रशासन? डेंजर जोन लाइन पर कई जगह खुले मिले पटरियों के क्लिप

    HighLights

    1. डेंजर जोन मानी जाती है करवंदिया से कुदरा तक की रेल लाइन
    2. न तो ट्रैक मरम्मत करते मजदूर मिले न इंजीनियर सेक्शन से जुड़े अधिकारी

    जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। Bihar Train Accident गया-डीडीयू रेलखंड पर करवंदिया से कुदरा तक का इलाका डेंजर जोन माना जाता है। ग्रांड ट्रंक रेलखंड हो या फिर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर रेल लाइन व आरा-सासाराम रेलखंड पर हाई स्पीड में ट्रेन दौड़ती है। इन खंडों पर अभी भी मानव रहित क्रॉसिंग हैं, जहां लोग ट्रेन के आने के वक्त तक रेल लाइन पार करते रहते हैं।

    पिछले एक दशक के दौरान करवंदिया व कुदरा के बीच आधा दर्जन बार मालवाहक ट्रेनों के बेपटरी होने की घट चुकी है।

    पटरियों के क्लिप खुले मिले

    बक्सर के रघुनाथपुर स्टेशन के पास नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद रोहतास जिले से जुड़े आरा-सासाराम रेलखंड के इलाके का जायजा लिया गया तो कई स्थानों पर क्लिप खुले मिले थे। न तो ट्रैक मरम्मत करते मजदूर मिले न इंजीनियर सेक्शन से जुड़े अधिकारी। फिलहाल, इस खंड पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से कई एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं।

    हर दुर्घटना के बाद अधिकारी थोड़ी सक्रियता तो जरूर दिखाते हैं, परंतु सक्रियता सिर्फ जांच तक सीमित रह जाती है। एक वर्ष पूर्व डीडीयू से बरवाडीह जा रही मालगाड़ी कुम्हऊ स्टेशन के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। छह माह पूर्व न्यू करवंदिया स्टेशन के पास डीएफसीसीआइएल रेल लाइन पर मालगाड़ी बेपटरी हो गई थी।

    इसके अलावा करवंदिया व कुदरा के बीच 2007, 2009, 2011, 2015, 2022 में मालवाहक ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं। सबसे अधिक घटना बरसात के महीनों में घटी है।

    ये भी पढ़ें- Bihar Train Accident: वंदे भारत सहित 133 ट्रेनें प्रभावित, पटरियों को ठीक होने में लगेगा वक्त; कल भी रहेगा असर

    ये भी पढ़ें- Bihar Train Accident: 24 घंटे बाद भी परिचालन शुरू नहीं, 53 करोड़ से अधिक का नुकसान; मरम्मत कार्य जारी

    खबरें और भी