बिहार में गांव के बच्चे बनाएंगे रोबोट और ड्रोन; ICT लैब में हो रही बेहतर व्यवस्था, मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
ग्रामीण छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए रोहतास के केके उच्च माध्यमिक विद्यालय में 30 लाख की लागत से अत्याधुनिक आईसीटी और विज्ञान प्रयोगशाला ब ...और पढ़ें

सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिलेगी ट्रेनिंग। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
केके विद्यालय में बन रही अत्याधुनिक आईसीटी लैब।
छात्र सीखेंगे रोबोट, ड्रोन बनाना और डिजिटल कंटेंट।
30 लाख की लागत से तैयार होगी विज्ञान प्रयोगशाला।
संवाद सूत्र, संझौली (रोहतास)। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए एक बड़ी राहत और सुनहरा अवसर सामने आया है। अब गांव के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रयोगों से जुड़ सकेंगे।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रखंड के केके उच्च माध्यमिक विद्यालय में अत्याधुनिक आईसीटी (इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नॉलॉजी) लैब और विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की जा रही है।
करीब 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस नए भवन में साइंस लैब के साथ-साथ रोबोटिक्स लैब भी विकसित की जाएगी।
यहां फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के अलग-अलग लैब होंगे, जहां छात्र सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि प्रयोगों के जरिए विज्ञान को समझ सकेंगे।
छात्र माइक्रोस्कोप से कोशिकाओं का अध्ययन करेंगे, ड्रोन और रॉकेट के मॉडल तैयार करेंगे और खुद डिजिटल कंटेंट भी बना सकेंगे।
डिजिटल पढ़ाई को मिलेगा नया आयाम
आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लासरूम में कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, प्रोजेक्टर और डिजिटल लर्निंग मटेरियल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रत्येक लैब में 10 कंप्यूटर सेट लगाए जाएंगे, जिन पर करीब साढ़े छह लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा, छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए विशेष ई-लैब भी तैयार किया जाएगा।
आधुनिक उपकरणों से लैस होंगी प्रयोगशालाएं
फिजिक्स लैब में वर्नियर कैलिपर्स, स्क्रू गेज, एमीटर, वोल्टमीटर और ऑप्टिकल बेंच जैसे उपकरण होंगे।
केमिस्ट्री लैब में कोनिकल फ्लास्क, ब्यूरेट-पिपेट, डिस्टिलेशन सेटअप और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
बायोलॉजी लैब में कंपाउंड माइक्रोस्कोप, डिसेक्शन किट, पेट्री डिश, ह्यूमन स्केलेटन और डीएनए चार्ट जैसे उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

(निर्माणाधीन आईसीटी लैब।)
छात्रों में बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच
विद्यालय के प्राचार्य शाहिद एकबाल खान ने बताया कि इस पहल से गांव के छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा और वे तकनीकी नवाचार के लिए तैयार होंगे।
प्रैक्टिकल आधारित पढ़ाई से छात्रों को विषयों को समझने में आसानी होगी और उनकी रुचि भी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केके विद्यालय में बन रहा यह भवन प्रखंड का पहला आईसीटी लैब होगा।