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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जांच घर खुलवाने के लिए 55 हजार की घूस ले रहा था सिवल सर्जन ऑफिस का लिपिक, निगरानी विभाग ने रंगे हाथ दबोचा

    By Jagran NewsEdited By: Mukul Kumar
    Updated: Wed, 30 Aug 2023 11:04 AM (IST)

    बिहार के रोहतास से एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि रिश्वत लेते हुए सिविल सर्जन कार्यालय का क्लर्क गिरफ्तार हुआ है। सिविल सर्जन कार्यालय में ...और पढ़ें

    गिरफ्तार लिपिक संतोष कुमार को ले जाते निगरानी अधिकारी। फोटो- जागरण
    गिरफ्तार लिपिक संतोष कुमार को ले जाते निगरानी अधिकारी। फोटो- जागरण

    HighLights

    1. पैथलॉजी जांच घर के रजिस्ट्रेशन के लिए ले रहा था रिश्वत
    2. रेडिमेड कपड़े की दुकान पर पकड़ा गया क्लर्क

    जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास) : रोहतास के सिविल सर्जन कार्यालय में पदस्थापित लिपिक संतोष कुमार को निगरानी विभाग की टीम ने बुधवार को 55 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए सासाराम नगर थाना क्षेत्र के गौरक्ष्णी मोहल्ला में दुर्गा मंदिर के समीप केशरी ड्रेसेज नामक दुकान से गिरफ्तार किया है।

    आरोपी के बारे में की गई थी शिकायत

    संतोष कुमार पैथलॉजी जांच घर के रजिस्ट्रेशन के लिए बबन सिंह से 55 हजार रुपए रिश्वत ले रहा था। निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि बबन सिंह ने पैथलाजी जांच घर खोलने के लिए पंजीकरण और लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था।

    रुपये लेने के दौरान हुई गिरफ्तारी

    इसमें संतोष कुमार ने उनसे 55 हजार की मांग की थी। निगरानी की टीम से बबन सिंह ने शिकायत की थी। आज रिश्वत के रुपए लेने के लिए संतोष एक रेडिमेड कपड़े की दुकान पर बबन सिंह को बुलाया था। जैसे ही उसने पैसे लिए, निगरानी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इससे पहले थानाध्यक्ष हुआ था गिरफ्तार

    इससे पहले निगरानी टीम ने गुरुवार को औरंगाबाद जिले के उपहारा थानाध्यक्ष आनंद कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया था। थानाध्यक्ष को 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था।

    इस मामले में बताया गया था कि एक लड़की के अपहरण के मामले में प्राथमिकी से तीन आरोपितों का नाम हटाने के लिए थानाध्यक्ष रुपये ले रहा था।

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