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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कैमूर की पहाड़ियों में बसे गांवों के लिए खुशखबरी! ससुराल जाने वाली बेटियों के चेहरे पर दिखेगी मुस्कान

    Updated: Sun, 20 Apr 2025 05:15 PM (IST)

    रोहतास के चेनारी प्रखंड में कैमूर पहाड़ी के पास बसे गांवों के लिए खुशखबरी है। वन मंत्री सुनील कुमार ने भरारी घाट वन पथ के उन्नयन कार्य का शिलान्यास कि ...और पढ़ें

    कैमूर पहाड़ी के पास बसे गांवों के लिए खुशखबरी। (जागरण)
    कैमूर पहाड़ी के पास बसे गांवों के लिए खुशखबरी। (जागरण)

    HighLights

    1. मंत्री डॉ. सुनील कुमार द्वारा भरारी घाट वन पथ उन्नयन कार्य का किया था शिलान्यास

    धनंजय पाठक, सासाराम (रोहतास)। चेनारी प्रखंड के कैमूर पहाड़ी की तलहटी में बसे औरैया समेत चार गांवों की पहाड़ी गांवों में रहने वाली बहू-बेटियों को लग्जरी गाड़ी से मायका-ससुराल आने-जाने का अरमान जल्द पूरा होने वाला है।

    इन गांवों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है। अबतक दुर्गम उबड़ खाबड़ पहाड़ी रास्तों से कोसों पैदल आने-जाने को मजबूर बहू-बेटियों को अब अच्छी सड़क नसीब होगी।

    राज्य के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार द्वारा भरारी घाट वन पथ उन्नयन कार्य का शिलान्यास किए जाने के बाद इस क्षेत्र के लोगों में खुशी देखी जा रही है। वन पथ के उन्नयन कराने के निर्णय से वनवासियों के गौरवमयी इतिहास को जानने समझने का अवसर प्रदान होगा।

    कहती हैं महिलाएं 

    बसगितिया कुंवर, रामदुलारी देवी, चानो देवी, चंपा देवी कहती हैं कि उन्हें 30 वर्षों से यह इच्छा थी कि वे भी अपने मायके और ससुराल गाड़ी से आए जाएं। बेटी की विदाई भी कार मोटर पर बिठाकर करें। सड़क नहीं रहने से बेटियों की पढ़ाई भी बीच में ही छूट जाती है।

    जिससे अच्छे घरों में शादी ब्याह भी नहीं हो पा रहा है। अब सड़क बन जाए तो उनका सपना भी पूरा होगा।

    रोजगार के साथ आएगी खुशहाली 

    सड़क नहीं होने के कारण पनारी घाट के रास्ते औरैया, भुरकुरा, कुसुम्हा, मरपा जैसे गांव के लोगो को बड़े-बड़े पत्थर वाले पगडंडी का सफर तय करना मजबूरी है। यही वजह है कि सुखी-संपन्न इलाके के लोग अपनी बेटी की शादी इन गांवों में करने से परहेज करते हैं।

    आवागमन सुविधा सुव्यवस्थित हो जाने के बाद उनके यहां भी समृद्धि आने लगेगी। गुप्ताधाम और ईको टूरिज्म के रूप में विकसित दुर्गावती जलाशय से यहां के लोगों को सीधा जुड़ने का मौका मिलेगा।

    कैमूर पहाड़ी की तलहटी में बसे इन गांवों में आवागमन व्यवस्था सुदृढ़ होने के बाद रोजगार के अवसर प्रदान होंगे, जिससे इलाके के लोगों में खुशहाली भी आएगी।

    कहते हैं अधिकारी

    भरारी घाट वन पथ के पूरी तरह से बन जाने के बाद औरैया, भुड़कुड़ा समेत चार गांवों में आवागमन आसान हो जाएगा। दुर्गावती जलाशय और गुप्ताधाम होने की वजह से वन विभाग इस इलाके को ईको टूरिज्म के रूप विकसित करने का निर्णय लिया है। अस्तित्व खो चुके पथों का जीर्णोद्धार करा लोगों को आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। इससे क्षेत्र में खुशहाली भी आएगी। मनीष कुमार वर्मा, डीएफओ, रोहतास

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