कैमूर की बेटियों के सपनों को मिली उड़ान; अब गांव के पास ही करेंगी स्नातक की पढ़ाई
शिवसागर के आलमपुर में राजकीय डिग्री कॉलेज खुलने से कैमूर पहाड़ी की तलहटी में बसे गांवों की छात्राओं को अब घर के पास ही स्नातक तक की उच्च शिक्षा मिल सक ...और पढ़ें

शिवसागर में खुला डिग्री कॉलेज।
HighLights
आलमपुर में राजकीय डिग्री कॉलेज खुलने से छात्राओं को लाभ।
आर्थिक तंगी, दूरी और सुरक्षा की चिंताएं अब होंगी कम।
क्षेत्र में उच्च शिक्षा और सामाजिक विकास को मिलेगा बढ़ावा।
संजीव कुमार संजय, शिवसागर (रोहतास)। कैमूर पहाड़ी की तलहटी में बसे गांवों की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा का सपना अब हकीकत बनने लगा है।
वर्षों तक आर्थिक तंगी, लंबी दूरी और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण मैट्रिक या इंटरमीडिएट के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर होने वाली छात्राओं के लिए अब नई उम्मीद जगी है।
शिवसागर प्रखंड के आलमपुर में राजकीय डिग्री कॉलेज शुरू होने से आसपास के दर्जनों गांवों की छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक तक की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
एक जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं में उत्साह का माहौल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह कॉलेज केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पूरे इलाके के सामाजिक और शैक्षणिक विकास का नया आधार बनेगा।
दूरी और सुरक्षा बनी रहती थी बड़ी बाधा
कैमूर पहाड़ी की तलहटी में बसे कई गांवों की छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए सासाराम या दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
सीमित परिवहन सुविधा, रोजाना आने-जाने में लगने वाला समय, बढ़ता खर्च और सुरक्षा की चिंता के कारण अधिकांश अभिभावक बेटियों को बाहर पढ़ाने से हिचकिचाते थे।
इसका परिणाम यह होता था कि कई प्रतिभाशाली छात्राओं की पढ़ाई इंटर के बाद ही रुक जाती थी। अब आलमपुर में डिग्री कॉलेज खुलने से शिवसागर के साथ-साथ सासाराम और चेनारी प्रखंड के सीमावर्ती गांवों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सुरक्षित हो जाएगा।
गरीब परिवारों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत
ग्रामीण इलाकों के अधिकांश परिवार सीमित आय पर निर्भर हैं। ऐसे में दूसरे शहर में पढ़ाई का खर्च उठाना हर किसी के लिए संभव नहीं होता।
कॉलेज नजदीक होने से छात्राओं के रहने, आने-जाने और अन्य खर्चों में कमी आएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपनी बेटियों को स्नातक तक पढ़ाने का सपना पूरा कर सकेंगे।
छात्राओं में दिख रहा उत्साह
चंदवा गांव की छात्रा खुशी कुमारी कहती हैं कि क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खुलने से अब लड़कियों को स्नातक की पढ़ाई के लिए दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा। गांव के पास ही पढ़ाई का अवसर मिलने से वे अपने सपनों को पूरा कर सकेंगी।
वहीं पकड़िया की छात्रा चांदमुनी कुमारी का कहना है कि अब परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और सुरक्षा को लेकर भी चिंता नहीं रहेगी।
पहले कॉलेज दूर होने के कारण गरीब परिवारों की कई लड़कियां आगे की पढ़ाई नहीं कर पाती थीं, लेकिन अब यह स्थिति बदलेगी।
शिक्षा से बदलेगी पूरे क्षेत्र की तस्वीर
अहिरौली निवासी सुनील कुमार सिंह का कहना है कि घर के पास कॉलेज होने से बेटियां सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकेंगी।
इससे न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी उन्हें बेहतर अवसर मिलेंगे। आने वाले समय में यही छात्राएं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाएंगी।
क्या कहते हैं प्राचार्य
राजकीय डिग्री कॉलेज आलमपुर के प्रधानाचार्य महेंद्र पांडेय कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव शिक्षा होती है।
कैमूर पहाड़ी की तलहटी का यह इलाका सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा माना जाता है, जहां कमजोर और वंचित वर्ग की आबादी अधिक है। आर्थिक तंगी के कारण यहां के बच्चे, विशेषकर बेटियां, उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं।
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उन्होंने कहा कि कॉलेज की स्थापना से अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा।
इससे क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और भविष्य में रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह डिग्री कॉलेज आने वाले वर्षों में न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा भी तय करेगा।