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    रोहतास: हत्या के बाद फरार आरोपियों के बंद घर में 6 पशुओं की तड़पकर मौत, पुलिस का दिल पसीजा

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 06:43 PM (GMT+05:30)

    रोहतास के नासरीगंज में भूमि विवाद में हत्या के बाद फरार हुए आरोपियों के बंद घर में छह बेजुबान पशु भूख-प्यास से तड़पकर मर गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की ...और पढ़ें

    हत्या के बाद फरार आरोपियों के बंद घर में 6 पशुओं की तड़पकर मौत, पुलिस का दिल पसीजा

    हत्या के बाद फरार आरोपियों के बंद घर में 6 पशुओं की तड़पकर मौत, पुलिस का दिल पसीजा

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    संवाद सूत्र, नासरीगंज (रोहतास)। थाना क्षेत्र के पडूरी गांव में गत दो अप्रैल को भूमि विवाद को लेकर भांजों द्वारा अपने ही सगे मामा की गोली मारकर हत्या करने के बहुचर्चित मामले में एक और हृदयविदारक पहलू सामने आया है। वारदात के बाद गिरफ्तारी के डर से घर में ताला बंद कर सपरिवार फरार हुए नामजदद आरोपितों के मकान में बिना दाना-पानी के कैद आधा दर्जन बेजुबान पशुओं ने दम तोड़ दिया।

    बताया जाता है कि हत्या की घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपित हड़बड़ी में सपरिवार घर बंद कर फरार हो गए थे। भागने की जल्दबाजी में वे घर के भीतर ही बंधे दो गाय, दो भैंस व दो बकरियों को खोलना या बाहर निकालना भूल गए। कई दिनों तक बिना अन्न-जल के बंद रहने के कारण इन सभी पशुओं ने तड़प-तड़प कर अपने प्राण त्याग दिए।

    जब मृत पशुओं के शव सड़ने लगे और आसपास के इलाके में सड़ांध फैलने लगी, तब स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जब घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो वहां का वीभत्स दृश्य देखकर सभी की आंखें भर आईं।

    स्थिति को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आरोपितों के भागने के एक-दो दिन बाद ही भूख-प्यास से तड़पते हुए इन बेजुबानों की मौत हो गई थी। चूंकि आरोपितों का घर बस्ती से थोड़ा अलग-थलग था, इसलिए किसी ने पशुओं के कराहने या चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी।

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    थानाध्यक्ष अविनाश कुमार के अनुसार घर में बंद पड़े सभी पशुओं को मृत पाया गया है। कानूनी औपचारिकता के बाद मृत पशुओं को जेसीबी की सहायता से पास ही की एक खाली पड़ी भूमि पर गड्ढा खोदकर सम्मानपूर्वक दफना दिया गया है।

    क्या था मामला?

    गत दो अप्रैल को इसी गांव में भूमि विवाद को लेकर भांजों ने अपने मामा बैजनाथ सिंह की दिनदहाड़े सीने में गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में मृतक के पुत्र सोनू कुमार के आवेदन पर रणजीत मउवार, गोपाल राय समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया था।

    पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत दो लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपितों सहित अन्य फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।