रोहतास में सेविकाओं से हर महीने 3500 वसूल रहे CDPO और सुपरवाइजर, पैसे नहीं देने पर रोक देते हैं सैलरी
रोहतास के करगहर में आंगनबाड़ी सेविकाओं से सीडीपीओ और पर्यवेक्षिका द्वारा प्रतिमाह 3500 रुपये वसूली का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

आंगनबाड़ी सेविकाओं से 3500 महीना घूस लेने का वीडियो वायरल
HighLights
सेविकाओं से 3500 रुपये मासिक वसूली का आरोप।
पैसे न देने पर वेतन रोकने की धमकी।
सीडीपीओ और पर्यवेक्षिका पर भ्रष्टाचार का आरोप।
संवाद सूत्र, करगहर (रोहतास)। प्रखंड मुख्यालय के समीप सिरसियां आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 27 पर महादलित बच्चों को पोशाक पहनाकर फोटो खींचने के बाद पोशाक वापस करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि सेविकाओं से प्रतिमाह 3500 हजार रुपए सीडीपीओ एवं पर्यवेक्षिका द्वारा लेने का मामला प्रकाश में आ गया।
सेविका द्वारा 3500 हजार रुपए प्रतिमाह देने का वीडियो वायरल हो रहा है। हालांकि दैनिक जागरण वीडियो का दावा नहीं कर रहा है। एक वीडियो में सेविका एवं एक सेविका के पति घूस देने का खुलासा करते हुए कहा कि इसमें ऑनलाइन भी पैसा लिया जाता है।
पैसा नहीं देने पर रोक देते हैं सैलरी
उसने बताया कि जो पैसा नहीं देता है इसका नियमित वेतन और अन्य सामान नहीं दिए जाते हैं। वीडियो में बता रही है कि एलएस के माध्यम से भी पैसा वसूली की जाती है। कुछ वैसी नेता सेविकाएं हैं जिनका पैसा नहीं लगता है।
उसने बताया कि चावल देने में भी घाल मेल किया जाता है संबंध में पूछे जाने पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के अलावा अन्य पदाधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
बच्चों के पैसे से अधिकारियों को घूस
बहुत सी ऐसी सेविकाएं हैं जो नाम न छापने की शर्त पर खुलकर बताती हैं कि पहले ढाई हजार रुपया महीना लगता था लेकिन इधर 2025 से 3500 रुपया महीना कर दिया गया है। अब सवाल यह उठता है कि कहीं ना कहीं उन अबोध बच्चों का पेट काटकर इन अधिकारियों को घूस के रूप दिया जा रहा है।
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प्रखंड कार्यालय से आधा किलोमीटर दूर है सीडीपीओ कार्यालय- लगभग चार माह पूर्व सीडीपीओ कार्यालय प्रखंड कार्यालय परिसर में चलता था। लेकिन इधर प्रभारी सीडीपीओ द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को बिना जानकारी दिए प्रखंड कार्यालय से आधा किलोमीटर दूर सेमरी रोड में ले जाया गया है।
जहां कोई भी अधिकारी नहीं पहुंच पाते हैं। बहरहाल जिस तरह का वीडियो वायरल हो रहा है इसकी गहनता से जांच की जाए तो कई अधिकारी जांच के घेरे में आ सकते हैं।