अब हर छात्र नहीं पढ़ पाएगा इस स्कूल में; रोहतास के बघवा स्कूल में एंट्री हुई मुश्किल, क्या है कारण?
सूर्यपुरा के राज-राजेश्वरी उच्च माध्यमिक विद्यालय (बघवा स्कूल) में नौवीं कक्षा में प्रवेश के नियम बदल गए हैं। अब केवल राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति ...और पढ़ें

रोहतास का बघवा स्कूल। फाइल
HighLights
बघवा स्कूल में नौवीं कक्षा के नामांकन नियम बदले।
केवल मेधावी छात्र ही अब प्रवेश ले सकेंगे।
मॉडल स्कूल बनने से गुणवत्ता शिक्षा पर जोर।
संवाद सूत्र, सूर्यपुरा (रोहतास)। प्रखंड के राज-राजेश्वरी उच्च माध्यमिक विद्यालय (बघवा स्कूल) को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किए जाने के बाद नामांकन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है।
अब कक्षा नौवीं में प्रवेश केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है, जो राष्ट्रीय आय सह मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल हुए हैं।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद सामान्य रूप से नामांकन की उम्मीद रखने वाले विद्यार्थियों के लिए फिलहाल इस विद्यालय के दरवाजे बंद हो गए हैं।
मॉडल स्कूल बनने के बाद बदली प्रक्रिया
ऐसे छात्रों को अब अपने नजदीकी स्कूलों में ही प्रवेश लेना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है, क्योंकि यह विद्यालय क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान रहा है।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, मॉडल स्कूल के रूप में चयन के बाद शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना तथा मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है।
इसके तहत केवल चयनित छात्रों को प्रवेश देकर शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की योजना है।
नवम वर्ग के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में अतिरिक्त परीक्षा आयोजित कर अन्य योग्य विद्यार्थियों को भी अवसर दिया जा सकता है।
विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के विकास का कार्य भी तेजी से चल रहा है। सुसज्जित प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेलकूद की बेहतर व्यवस्था, संगीत शिक्षा, छात्रवृत्ति सुविधाएं और विषयवार प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच
जल्द ही राज्य स्तरीय टीम विद्यालय का निरीक्षण कर उपलब्ध संसाधनों का आकलन करेगी। विद्यालय प्रबंधन का दावा है कि सभी मानकों को पूरा करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने इस पहल को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह विद्यालय ग्रामीण प्रतिभाओं को बेहतर मंच प्रदान करेगा।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नई व्यवस्था को समझते हुए बच्चों का नामांकन कराएं, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।