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    जुलाई से लागू होंगे VB-G RAM-G के नए नियम; हर पंचायत में बनेगा रोजगार सहायता केंद्र

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 11:05 AM (IST)

    रोहतास में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन' पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मनरेगा कर्मियों को नए अधिनियम ...और पढ़ें

    कार्यशाला में उपस्‍थि‍त अधिकारी व कमी। जागरण

    कार्यशाला में उपस्‍थि‍त अधिकारी व कमी। जागरण

    HighLights

    1. ग्रामीणों को 150 दिन रोजगार, कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।

    2. महिलाओं की 50% भागीदारी, मजदूरी 7 दिन में भुगतान।

    3. मनरेगा अब स्वरोजगार, स्थायी आजीविका का माध्यम।

    संवाद सहयोगी, डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) रोहतास की ओर से शनिवार को 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (VB-G RAM G) विषय पर कार्यशाला की गई।

    प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रखंड के कर्मियों, पंचायत रोजगार सेवकों, तकनीकी सहायकों, कनीय अभियंताओं एवं लेखापालों को नए अधिनियम-2025 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

    कार्यशाला में बताया गया कि नए अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को साल में 150 दिनों तक रोजगार की गारंटी देना तथा उन्हें कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से स्थायी आजीविका से जोड़ना है।

    अधिकारियों ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह पहल की गई है।

    नए अधिनियम-2025 की प्रमुख बातें

    • 100 दिनों के अतिरिक्त स्थानीय निकायों के माध्यम से 50 दिनों का अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
    • प्रत्येक कार्यस्थल पर महिलाओं की न्यूनतम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
    • मजदूरों को कार्य के साथ मिस्त्री, प्लंबर, नर्सरी प्रबंधन और मशरूम उत्पादन सहित विभिन्न रोजगारपरक कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
    • मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर किया जाएगा। विलंब होने पर संबंधित स्तर पर जुर्माने का प्रावधान रहेगा।
    • जॉब कार्ड, मस्टर रोल और भुगतान संबंधी जानकारी डिजिटल एप पर लाइव उपलब्ध रहेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।

    स्‍वरोजगार और स्‍थायी आजीविका से जोड़ने का बनेगा माध्‍यम 

    कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि अब VB-G RAM-G केवल पारंपरिक निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार और स्थायी आजीविका से जोड़ने का माध्यम बनेगा।

    उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और रोजगार सेवकों से पंचायत स्तर पर लेबर बजट तैयार करते समय नए प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

    इस दौरान मुखिया संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह समेत अन्य मुखिया प्रतिनिधियों ने सामग्री मद के लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया।

    सामग्री मद का बकाया भुगतान नहीं होने पर होगी परेशानी 

    उन्होंने कहा कि जब तक सामग्री मद का बकाया भुगतान नहीं किया जाता, तब तक पंचायतों में नए कार्य शुरू कराने में कठिनाई होगी।

    प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी सुमित कुमार सिंहा ने बताया कि जुलाई से डेहरी प्रखंड की सभी 13 पंचायतों में नए नियमों के अनुरूप कार्य शुरू कर दिए जाएंगे।

    प्रत्येक पंचायत में रोजगार सहायता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां ग्रामीण रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे और योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

    कार्यशाला में प्रखंड प्रमुख मनीष कुमार, निधि श्रीवास्तव, चकन्हा की मुखिया पूनम देवी, दहाउर के मुखिया संतोष कुमार सिंह, पतपुरा के मुखिया प्रतिनिधि सरोज कुमार, कनीय अभियंता रविरंजन पाल व कर्मी मौजूद रहे।