विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रोहतास में 14 साल बाद फिर गूंजेंगी क्रशर मशीनों की आवाज; करवंद‍िया में पत्थर उद्योग शुरू करने की कवायद तेज

Published: Mon, 13 Jul 2026 09:03 AM (IST)

रोहतास जिले में लगभग 14 साल से बंद पड़े पत्थर उद्योग को फिर से शुरू करने की प्रशासनिक तैयारियां तेज ...और पढ़ें

करवंद‍िया पहाड़ी की मापी के ल‍िए लगाए गए सात अमीन।

करवंद‍िया पहाड़ी की मापी के ल‍िए लगाए गए सात अमीन।

HighLights

  1. रोहतास में डेढ़ दशक बाद पत्थर उद्योग फिर शुरू होगा।

  2. करवंदिया पहाड़ी के खनन क्षेत्र की मापी और सीमांकन।

  3. सात अमीनों की टीम सीमांकन कार्य में लगाई गई।

जागरण संवाददाता, सासाराम (रोहतास)। जिले में पिछले लगभग डेढ़ दशक से बंद पड़े पत्थर उद्योग को पुनः चालू करने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है।

इस कड़ी में राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने करवंदिया पहाड़ी के बंद पड़े खनन क्षेत्र की मापी और सीमांकन कराने का निर्णय लिया है।

इस महत्वपूर्ण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिले के विभिन्न अंचलों में पदस्थापित सात अमीनों को सासाराम सदर अंचल में प्रतिनियुक्त किया गया है।

7 अमीनों की प्रत‍िनियुक्‍त‍ि 

अपर समाहर्ता राजस्व, ललित भूषण रंजन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, करवंदिया पहाड़ी के सीमांकन के लिए सात अंचल अमीनों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इनमें विक्की कुमार सासाराम अंचल, विकास कुमार करगहर अंचल, संजीव कुमार नोखा अंचल, आदित्य कुमार संझौली अंचल, मोहम्मद इमरान डेहरी अंचल, विकास कुमार अकोढ़ीगोला अंचल व इम्तियाज अहमद तिलौथू अंचल शामिल हैं।

एडीएम राजस्व ने सासाराम सदर अंचल के सीओ को निर्देशित किया है कि वे रोहतास के खनिज विकास पदाधिकारी से बेहतर समन्वय स्थापित करें।

सीओ को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी देखरेख व पर्यवेक्षण में प्रतिनियुक्त सातों अमीनों के माध्यम से करवंदिया पहाड़ी का सीमांकन कार्य अविलंब शुरू कराएं।

इसके साथ ही, मापी कार्य की प्रगति को लेकर दैनिक प्रतिवेदन से जिला समाहर्ता को नियमित रूप से अवगत कराना सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया है।

डेढ़ दशक से बंद पड़ा है उद्योग

प्रशासनिक कवायद से यह संकेत मिलने लगा है कि लगभग डेढ़ दशक से जिले में बंद पत्थर उद्योग को दोबारा शुरू किया जाएगा।

इस उद्योग को शुरू हो जाने के बाद स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। पत्थर उद्योग से जुड़े व्यवसायियों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है कि चिन्हित पत्थर खदान को बंदोबस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

बता दे कि पत्थर के अवैध खनन रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जून 2012 को करवंदिया पहाड़ को पूरी तरह से खनन कार्य से मुक्त कर दिया था।

पहाड़ को खनन कार्य से मुक्त किए जाने के बाद जिले में चल रहे लगभग चार सौ क्रशर मशीनों के लाइसेंस भी पत्थर की अनुपलब्धता बता एक-एक कर रद कर दिए गए। पत्थर उद्योग के पूरी तरह से बंद हो जाने के बाद जिले में बेरोजगारी की समस्या उत्पन्न हो गई थी।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।