रोहतास में अब आसान नहीं होगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना, 2 साल से अधिक देरी पर मजिस्ट्रेट से लेनी होगी मंजूरी
रोहतास में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र पंजीकरण के नियमों को सख्त कर दिया गया है। अब एक साल से ...और पढ़ें

आसान नहीं होगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
पंजीकरण प्रक्रिया को सुरक्षित और फर्जीवाड़ा मुक्त बनाया गया।
एक साल बाद पंजीकरण पर डीएम/एसडीएम की मंजूरी आवश्यक।
दो साल बाद पंजीकरण के लिए न्यायिक दंडाधिकारी का आदेश।
जागरण संवाददाता,सासाराम (रोहतास)। नगर निगम और प्रखंड कार्यालय में जन्म और मृत्यु पंजीकरण का नया नियम सख्त कर दिया गया है। पंजीकरण की प्रक्रिया को सुरक्षित और फर्जीवाड़ा से मुक्त करने के उद्देश्य से बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी भी हो चुका है।
पूर्व में 21 दिेनों तक सामान्य पंजीकरण और एक साल तक की देरी पर जिला रजिस्ट्रार की अनुमति से प्रमाण पत्र निर्गत हो जाता था। लेकिन नए संशोधन ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की इस व्यवस्था को दो स्तरों में बांटकर सख्त बना दिया है।
पंजीकरण अब विशेष प्रक्रिया के तहत
स्थानीय नगर निगम और प्रखंड कार्यालयों को भी नए नियम के अनुसार आवेदन स्वीकार करने के कड़े निर्देश दिए गए है। जारी अधिसूचना के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति के जन्म या मृत्यु की सूचना घटना के एक वर्ष बाद लेकिन दो वर्ष के अंदर दी जाती है, तो उसका पंजीकरण अब विशेष प्रक्रिया के तहत होगा।
इसके लिए डीएम या एसडीएम या उनके द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट के लिखित आदेश की आवश्यकता होगी। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी पहले घटना की सत्यता का पूरा सत्यापन करने के बाद पंजीकरण का आदेश देंगे। यदि जन्म या मृत्यु की सूचना दो साल बीत जाने के बाद दी जाती है तो मामला और अधिक सख्त हो जाएगा। ऐसी स्थिति में अधिकार क्षेत्र वाले प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर ही पंजीकरण की कार्रवाई होगी।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण क्यों जरूरी
भारत में नागरिकों को विभिन्न मौकों पर अपनी नागरिकता प्रमाणित करने लिए विभिन्न दस्तावेज की जरूरी होती है। जन्म प्रमाण पत्र उनमें एक है। यह व्यक्ति के जन्म, तारीख और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल करने के लिए भी जरूरी है।
इसी तरह से मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति के निधन की पुष्टि के लिए जरूरी होता है। इसमें सरकार की जनसंख्या के आंकड़ों को अपडेट करने में मदद मिलती है।
यह भी पढ़ें- पिता करते थे मजदूरी, बेटी पहले बनीं दरोगा और फिर BPSC पास कर अधिकारी; रोहतास की सीमा की संघर्षगाथा
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।