ECIL में देशभर के 16 में से बिहार से अकेले सिलेक्शन; रोहतास के विवेक ने किया कमाल
रोहतास के सूर्यपुरा निवासी छोटे किसान के बेटे विवेक रंजन का चयन प्रतिष्ठित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) में हुआ है। यांत्रिक अभिय ...और पढ़ें

विवेक को मिठाई खिलाते पिता। जागरण
HighLights
विवेक रंजन का ECIL में राष्ट्रीय स्तर पर चयन।
बिहार से एकमात्र चयनित अभ्यर्थी, रोहतास को गर्व।
सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से मिली सफलता।
संवाद सूत्र, सूर्यपुरा (रोहतास)। प्रखंड मुख्यालय के छोटका पोखरा मोहल्ला निवासी छोटे किसान अविनाश कुमार के पुत्र विवेक रंजन ने कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
उनका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) में हुआ है, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन कार्यरत एक प्रमुख केंद्रीय उपक्रम है।
खास बात यह है कि यांत्रिक अभियांत्रिकी के महज 16 पदों पर हुए इस चयन में पूरे बिहार से विवेक रंजन अकेले अभ्यर्थी हैं।
उनकी इस सफलता से न सिर्फ रोहतास, बल्कि पूरे राज्य में गर्व का माहौल है। क्षेत्र के लोग, परिजन और शुभचिंतक लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं।
हैदराबाद में लेंगे एक वर्ष का प्रशिक्षण
विवेक आगामी 4 मई से हैदराबाद में एक वर्ष के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां उन्हें तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उनकी नियुक्ति अधिकारी पद पर होगी, जो उनके करियर का एक अहम मुकाम साबित होगा।विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, मौसी उषा देवी, बड़े भाई और पूरे परिवार को दिया है।
उन्होंने विशेष रूप से अपने मामा संतोष गुरुजी (नटवार बाजार) का आभार जताया। विवेक ने बताया कि बचपन में उन्होंने अपने मामा के घर नटवार स्थित ‘मां गायत्री बाल संस्कार शाला’ में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त की।
सीमित संसाधन के बावजूद हासिल की सफलता
वहां उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ संस्कार और अनुशासन की भी शिक्षा मिली। संतोष गुरुजी के मार्गदर्शन ने उनके जीवन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई।
विवेक रंजन की यह उपलब्धि इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य, कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन से सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी कहानी क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।