5 गांवों के 500 बीघा गेहूं की फसल राख, रोहतास में भीषण आग से किसानों की कमर टूटी
Wheat Crop Fire Destroys 500 Bighas रोहतास जिले के दावथ प्रखंड में भीषण आग से पांच गांवों के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। करीब 500 बीघा गेहूं की खड़ ...और पढ़ें

HighLights
पांच गांवों में 500 बीघा गेहूं की फसल राख।
किसानों की आर्थिक स्थिति बिगड़ी, मुआवजे की मांग।
दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाई।
संवाद सूत्र, दावथ (रोहतास)। रोहतास जिले के दावथ प्रखंड में भीषण आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पांच गांवों के बधार में लगी आग ने करीब 500 बीघा गेहूं की खड़ी फसल को राख में बदल दिया।

पांच गांव आए चपेट में
अगलगी की इस घटना में सहीनाव पंचायत के देवढ़ी, महुअरी, सहीनाव, हीरापुर और दावथ पंचायत के बिठवा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। देखते ही देखते आग ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
तेज हवा से बेकाबू हुई आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत देवढ़ी गांव के पास हुई और तेज हवा के कारण तेजी से फैलती चली गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि ग्रामीण चाहकर भी उसे तुरंत नहीं रोक सके।
ग्रामीणों ने जोखिम में डाली जान
आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। बाल्टी, पाइप और खेतों के संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली।
फायर ब्रिगेड की मदद से काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका।
किसानों की टूटी कमर
इस हादसे ने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। पहले धान की फसल मौसम की मार झेल चुकी थी और अब गेहूं की फसल जलने से उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है।
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कई किसानों का भारी नुकसान
हीरापुर और आसपास के गांवों के कई किसानों की 30 बीघे से अधिक फसल जल गई। वहीं बिठवा गांव में भी करीब 50 बीघा गेहूं नष्ट हो गया।
आग लगने के कारण पर मतभेद
कुछ ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी को आग का कारण बताया, जबकि बिजली विभाग ने इसे खारिज कर भूसा मशीन से चिंगारी निकलने की संभावना जताई है।
प्रशासन जुटा आकलन में
अंचल प्रशासन ने बताया कि पांच गांवों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
राहत की आस में किसान
इस भीषण घटना के बाद पूरे इलाके में मायूसी छाई है। किसान अब प्रशासन से जल्द मुआवजा और राहत की मांग कर रहे हैं, ताकि वे दोबारा अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें।