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रोहतासगढ़: जहां से चलता था बिहार-बंगाल का शासन; पटना नहीं थी राजधानी, पढ़ें इखलास खां से थॉमस गोडार्ड तक की कहानी

Published: Sun, 22 Mar 2026 04:30 PM (IST)

लेख रोहतासगढ़ किले के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालता है। मुगल काल में, राजा मान सिंह ने 1587 में रोहतासगढ़ ...और पढ़ें

रोहतासगढ़ का क‍िला। जागरण

रोहतासगढ़ का क‍िला। जागरण

HighLights

  1. राजा मान सिंह ने रोहतासगढ़ को बिहार-बंगाल की राजधानी बनाया।

  2. 1587 ई. में मुगल सम्राट अकबर ने मान सिंह को नियुक्त किया।

  3. 1774 में अंग्रेजों ने रोहतासगढ़ किले पर कब्जा कर नष्ट किया।

ब्रजेश पाठक, सासाराम (रोहतास)। मुगलकाल में बिहार-बंगाल की शासन-सत्ता का संचालन रोहतास से किया जाता था।

रोहतासगढ़ किला उस समय प्रांतीय राजधानी के रूप में स्थापित था। वर्ष 1587 ई. में राजा मान सिंह दोनों प्रदेशों का शासन यहीं से संभालते थे।

इतिहासकारों के अनुसार, 1587 ई. में मुगल सम्राट अकबर ने राजा मान सिंह को बिहार और बंगाल का संयुक्त सूबेदार नियुक्त कर रोहतास भेजा था। उसी वर्ष राजा मान सिंह ने रोहतासगढ़ को प्रांतीय राजधानी घोषित किया।

इसके पूर्व ‘रोहतास सरकार’ थी

प्रांतीय राजधानी घोषित होने से पहले वर्ष 1582 में यहाँ ‘रोहतास सरकार’ अस्तित्व में था, जिसमें सात परगना शामिल थे। बाद में 1784 में तीन परगनों को मिलाकर रोहतास जिला बनाया गया।

22 मार्च 1912 को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग होकर बिहार एक स्वतंत्र राज्य बना और इसकी राजधानी पटना निर्धारित हुई। आगे चलकर 1935 में उड़ीसा और वर्ष 2000 में झारखंड अलग राज्य बने।

जिला मुख्यालय सासाराम से लगभग 75 किमी दूर कैमूर पहाड़ी पर स्थित रोहतासगढ़ किला सूर्यवंशी राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व द्वारा स्थापित माना जाता है। इसी के नाम पर इस क्षेत्र का नाम रोहतास पड़ा।

शाहाबाद गजेटियर के अनुसार, रोहतास सरकार में रोहतास, सासाराम, चैनपुर के साथ जपला, बेलौंजा, सिरिस और कुटुंबा परगना शामिल थे।

1774 में रोहतासगढ़ पर अंग्रेज ने क‍िया था कब्‍जा 

शाहजहांनामा के अनुसार 1632-33 में इखलास खां को रोहतास का किलेदार नियुक्त किया गया था। अकबरपुर के पास स्थित एक शिलालेख के अनुसार, किलेदार नवाब इखलास खां को मकराइन परगना तथा चांद, सीरिस और कुटुंबा से लेकर बनारस तक फौजदारी अधिकार प्राप्त थे।

वह चैनपुर, मगसर, तिलौथू, अकबरपुर, बेलौंजा, विजयगढ़ और जपला का जागीरदार भी था। इस प्रकार उसके अधीन क्षेत्र में पुराना शाहाबाद, गया, पलामू और बनारस तक का इलाका शामिल था, जिसका शासन वह रोहतासगढ़ से करता था।

वर्ष 1774 में अंग्रेज कप्तान थॉमस गोडार्ड ने रोहतासगढ़ पर कब्जा कर उसे नष्ट कर दिया। बाद में 1881-82 में एच.बी.डब्ल्यू. गैरिक ने इस क्षेत्र का पुरातात्विक सर्वेक्षण किया, जिसमें रोहतासगढ़ से राजा शशांक की मुहर का सांचा प्राप्त हुआ।

पुरातत्वविद् का मत

मुगल सम्राट अकबर ने 1587 में बिहार और बंगाल का संयुक्त सूबेदार राजा मान सिंह को नियुक्त किया था। राजा मान सिंह ने रोहतासगढ़ किले को अपनी प्रांतीय राजधानी बनाया और यहीं से शासन संचालन किया।
— डॉ. श्याम सुंदर तिवारी, पूर्व शोध अन्वेषक, केपी जायसवाल शोध संस्थान

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