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रोहतास के किसानों के लिए खुशखबरी, सुधा डेयरी से जुड़ेंगे दूरदराज के पशुपालक; सीधे खाते में पहुंचेगा दूध का भुगतान

Published: Wed, 16 Sep 2026 02:45 PM (IST)

डेहरी ऑन सोन में सुधा डेयरी प्लांट के निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने दूध उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने पर जोर दिया।

सुधा डेयरी प्‍लांट का नि‍रीक्षण करते डीएम दीपक कुमार म‍िश्रा। जागरण

सुधा डेयरी प्‍लांट का नि‍रीक्षण करते डीएम दीपक कुमार म‍िश्रा। जागरण

HighLights

  1. दूध उत्पादन बढ़ाने और किसानों को समितियों से जोड़ने पर जोर।

  2. 6 लाख लीटर दूध संकलन और मिल्क पाउडर प्लांट की योजना।

  3. गोट फार्म, टीएमआर प्लांट और 15 नए मिल्क बूथ बनेंगे।

संवाद सहयोगी, डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। सुधा डेयरी प्लांट का निरीक्षण जिला पदाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बुधवार को किया।

शाहाबाद आरा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमित कुमार सुमन सुधा दुध प्लांट डेहरी के एमडी अमीत आनंद समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। 

इसमें दूध उत्पादन बढ़ाने, किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ने और प्लांट के विस्तार पर चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि बिक्रमगंज क्षेत्र के साथ नौहट्टा जैसे पहाड़ी एवं दूरस्थ इलाकों के कई पशुपालक अभी तक सुधा डेयरी की दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों (डीसीएस) से नहीं जुड़ पाए हैं।

ऐसे क्षेत्रों में अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों और पशुपालकों को समितियों से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि उन्हें दूध का उचित मूल्य और सहकारी व्यवस्था का लाभ मिल सके।

करीब एक हजार किसानों को सीधे भुगतान

एमडी अमित कुमार सुमन ने बताया कि वर्तमान में करीब एक हजार किसानों के दूध की कीमत सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इसके तहत लगभग 10 लाख रुपये की राशि का प्रत्यक्ष भुगतान किया जा रहा है।

बताया कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे भुगतान की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। यह प्रक्रिया सीएमडी कपिल अशोक के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है।

6 लाख लीटर दूध संकलन का लक्ष्य

बैठक में शाहाबाद संघ के दूध संकलन को बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में करीब 3.5 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का संकलन हो रहा है।

इसे बढ़ाकर छह लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा गया है। सरप्लस दूध को सुखाने के लिए फिलहाल हाजीपुर भेजना पड़ता है।

इसे देखते हुए सुधा डेयरी परिसर में ही 30 मीट्रिक टन क्षमता का मिल्क पाउडर प्लांट स्थापित करने की योजना है। इससे दूध के प्रसंस्करण में सुविधा के साथ परिवहन लागत में भी कमी आने की उम्मीद है।

सीएसआर से गोट फार्म और टीएमआर प्लांट

सीएसआर फंड के सहयोग से करीब 200 बकरियों की क्षमता वाला आधुनिक गोट फार्म स्थापित करने की योजना पर भी काम शुरू किया गया है।

इसके साथ टीएमआर (टोटल मिक्स्ड राशन) प्लांट स्थापित करने की योजना है। इससे पशुपालकों को बेहतर पशु आहार उपलब्ध कराने और पशुपालन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

शहर में 15 स्थानों पर मिल्क बूथ

शहर में आम लोगों को आसानी से ताजा दूध और डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए 15 अलग-अलग स्थानों पर होल्डिंग मिल्क बूथ बनाने की योजना भी सामने आई।

एमडी ने बताया कि इसके लिए उपलब्ध भूमि के आधार पर स्थानों की सूची डीएम को सौंपी गई है। इन बूथों के माध्यम से लोगों को पूरे दिन सुधा के दूध एवं अन्य डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने की योजना है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डेयरी प्लांट की मौजूदा व्यवस्था का जायजा लेते हुए प्रस्तावित योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की। मौके पर अभिशेख कुमार सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।

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