Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार शिक्षक भर्ती में धांधली: सहरसा में अब तक 20 गुरुजी मिले फर्जी, DEO बोले- होगी सख्त कार्रवाई

    Updated: Fri, 22 May 2026 04:28 AM (IST)

    सहरसा जिले में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले 20 विद्यालय अध्यापकों को चिह्नित किया गया है। शिक्षा विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू क ...और पढ़ें

    फर्जी निकले मास्टर साहब। फाइल फोटो

    फर्जी निकले मास्टर साहब। फाइल फोटो

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    संवाद सूत्र, सहरसा। जिले में बहाल हुए शिक्षकों में से फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले 20 विद्यालय अध्यापकों को चिह्नित किया गया है।

    पिछले दो वर्षों के दौरान बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा टीआरई 1, 2 एवं 3 में बहाल हुए शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया गया, जिसमें 20 विद्यालय अध्यापकों की सूची विभाग ने चिन्हित की है। जिसके खिलाफ शिक्षा विभाग ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

    राज्य सरकार के निर्देश के बाद बहाल हुए विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य लगातार विभाग द्वारा शिविर लगाकर किया गया। जिसमें करीब 32 से अधिक विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों में विसंगतियां पाई गई थीं।

    इसके बाद कई बार प्रमाण पत्रों के सत्यापन व साक्ष्य मिलने के बाद भी अब तक 20 विद्यालय अध्यापकों की सूची विभाग ने बनाई है। इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में भिन्नता व असमानता पाई गई है। जिस कारण विभाग ने ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करने में मूड में है।

    4500 विद्यालय अध्यापक हुए थे बहाल

    जिले में बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा टीआरई 1, 2 एवं 3 में करीब 4500 विद्यालय अध्यापक बहाल हुए। जिसमें से अब तक करीब 400 विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों का ही सत्यापन हो पाया है। जिले के दसों प्रखंडों में से केवल सात प्रखंडों में वर्ग 1 से 5वीं कक्षा में बहाल हुए शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन हो पाया है।

    जानकारों की मानें तो अभी करीब 4000 से अधिक विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों की जांच होना शेष है। ऐसे में सैकड़ों की संख्या में फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी पाने वाले विद्यालय अध्यापक मिलेंगे।

    हालांकि यह तो प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद ही पता चलेगा कि कुल फर्जी विद्यालय अध्यापकों की संख्या कितनी है, लेकिन इतना तो तय माना जा रहा है कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई परीक्षा में काफी धांधली बरती गई है। जिसकी जांच अभी होना शेष है।

    खबरें और भी

    प्रमाण पत्रों की हो रही जांच

    जिले में बहाल हुए विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। जिस मामले में विभाग द्वारा प्रमाण पत्रों का सत्यापन गहराई रूप से किया जा रहा है। फर्जी प्रमाण पत्रों पर नौकरी लेने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। -हेमचंद्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी