श्रावणी मेले से पहले मटेश्वर धाम जाने वाली मुख्य सड़क जर्जर, 85 KM का सफर तय कर आने वाले भक्त परेशान
श्रावणी मेले से पहले सिमरीबख्तियारपुर के मटेश्वर धाम जाने वाली मुख्य सड़क जर्जर है, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। ...और पढ़ें

मटेश्वर धाम जाने वाली मुख्य सड़क जर्जर
HighLights
आवश्यक इंतजामों को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें हो रही
बारिश होने पर सड़क और अधिक फिसलनयुक्त
85 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर आते हैं भक्त
संवाद सूत्र, सिमरीबख्तियारपुर (सहरसा)। एक ओर बाबा नगरी मटेश्वर धाम में आगामी श्रावणी मेले को लेकर प्रशासन और मंदिर न्यास समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक इंतजामों को लेकर लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं।
वहीं दूसरी ओर मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं व डाक एवं कांवड़िया बम की आवाजाही के लिए सबसे महत्वपूर्ण खोजूचक स्थित दर्शनिया से बाबा मटेश्वर धाम मंदिर तक जाने वाली मुख्य सड़क अब भी जर्जर बनी हुई है। सड़क की बदहाल स्थिति श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
बड़ी संख्या में आते हैं बाबा के भक्त
श्रावणी मेले के दौरान इसी मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िया और श्रद्धालु बाबा मटेश्वर धाम पहुंचते हैं। लेकिन सड़क पर जगह-जगह उखड़ी हुई परत और बारिश के कारण कीचड़ होने से आवागमन में परेशानी होने की आशंका बढ़ गई है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो सावन के दौरान श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि मंदिर न्यास समिति की पहली बैठक में ही इस सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया था। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए संबंधित विभाग से शीघ्र सड़क दुरुस्त कराने की बात कही गई थी। इसके बावजूद अब तक सड़क की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका है।
खबरें और भी
सावन शुरू होने में कुछ दिन ही शेष
इधर सावन माह शुरू होने में अब केवल कुछ ही दिन शेष बचे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होगी। विशेषकर बारिश होने पर सड़क और अधिक फिसलनयुक्त तथा जोखिम भरी हो सकती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि श्रावणी मेले की शुरुआत से पहले खोजूचक दर्शनिया से बाबा मटेश्वर धाम मंदिर तक की सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके तथा मेले की व्यवस्थाएं पूरी तरह सफल हो सके।
85 किमी की पैदल यात्रा करते हैं भक्त
बता दें कि सावन माह के हर रविवार की रात डाक बम मुंगेर के छर्रा पट्टी स्थित उत्तरवाहिनी गंगा घाट से जल भर कर हजारों श्रद्धालु करीब 85 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर उक्त सड़क मार्ग से बाबा नगरी मटेश्वर धाम पहुंच कर सावन के सोमवारी को जलाभिषेक करते है।