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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Jamin Survey: बिहार के इस जिले के जमीन मालिकों की टेंशन खत्म, जमाबंदी को लेकर मिल गई बड़ी राहत

    Updated: Thu, 27 Feb 2025 03:35 PM (IST)

    बिहार में ऑनलाइन जमाबंदियों को त्रुटि रहित करने के लिए 15 मार्च तक प्रखंड के सभी पंचायतों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मूल जमाबंद ...और पढ़ें

    बिहार के सहरसा में जमीन जमाबंदी में मिली राहत (जागरण)
    बिहार के सहरसा में जमीन जमाबंदी में मिली राहत (जागरण)

    HighLights

    1. बिहार के सहरसा में जमाबंदी से परेशान किसानों की टेंशन होगी दूर
    2. जमाबंदी के पेपर में गलती को सुधारने के लिए लगेगा शिविर

    संवाद सूत्र, सत्तरकटैया (सहरसा)। Bihar Jamin Survey: बिहार में ऑनलाइन जमाबंदियों के को त्रुटि रहित करने के लिए आगामी 15 मार्च तक प्रखंड के सभी पंचायतों में प्रत्येक दिन विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। विशेष शिविर में मूल जमाबंदी के डिजिटिलाइशेन के आधार पर आनलाइन जमाबंदी को दुरुस्त किया जायेगा।

    इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी निर्देश के आलोक में अंचलाधिकारी द्वारा सभी पंचायतों में शिविर लगाने का निर्देश हल्का कर्मचारी को दिया है तथा हल्का कर्मचारी को अपने हल्के के सभी मौजों में सुधार की जिम्मेदारी दी गई है। 

    कैसे होगा सुधार

    राजस्व कर्मचारियों द्वारा हरेक मौजा की मूल जमाबंदी की स्कैन और आनलाइन प्रति से मिलान किया जायेगा। जहां जमाबंदी स्कैन नहीं हो सकी है वहां मूल प्रति से मिलान करने के बाद सभी भागों सहित हर पृष्ठ के अनुसार सुधार किया जायेगा।

    इसके तहत मूल जमाबंदी में दर्ज रैयत या भूमि संबंधी विवरण को हूबहू ऑनलाइन किया जाना है। किसी भी स्थिति में मूल जमाबंदी में अंकित आंकड़ों के अतिरिक्त कोई अन्य प्रविष्टि या सुधार या मूल जमाबंदी में किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं किया जायेगा।

    खबरें और भी

    सभी मौजा की सभी जमाबंदी को डिजिटाइज या उसके आधार पर ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार भी मौजा के अनुसार होगा। जमाबंदी में सुधार के लिए ई - जमाबंदी माड्यूल का इस्तेमाल किया जाएगा।

    जमाबंदी क्या होता है?

    जमाबंदी एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो भारत में जमीन के मालिकाना हक और उसके विवरण को दर्शाता है। यह दस्तावेज़ सरकार द्वारा जारी किया जाता है और इसमें जमीन के मालिक का नाम, जमीन का क्षेत्रफल, जमीन का प्रकार, और अन्य विवरण शामिल होते हैं।

    जमाबंदी का मुख्य उद्देश्य यह है कि यह जमीन के मालिकाना हक को स्थापित करता है और जमीन के विवरण को दर्शाता है। यह दस्तावेज़ जमीन की खरीद-फरोख्त, जमीन के विभाजन, और जमीन के अन्य कानूनी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    जमाबंदी में आमतौर पर निम्नलिखित विवरण शामिल होते हैं

    •  जमीन का खसरा नंबर
    •  जमीन का क्षेत्रफल
    •  जमीन का प्रकार (कृषि, आवासीय, व्यावसायिक आदि)
    •  जमीन के मालिक का नाम और पता
    •  जमीन के विभाजन का विवरण (यदि लागू हो)

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