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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों को बड़ी राहत, दाखिल-खारिज को लेकर नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला

    Updated: Thu, 06 Mar 2025 02:19 PM (IST)

    दाखिल-खारिज वाद के वैसे मामले जिनको अंचलाधिकारियों द्वारा बिना किसी बड़ी वजह के अस्वीकृत कर दिया गया है अब इन मामलों की दोबारा सुनवाई की जाएगी। इसके ल ...और पढ़ें

    दाखिल-खारिज के अस्वीकृत मामलों की होगी दोबारा सुनवाई
    दाखिल-खारिज के अस्वीकृत मामलों की होगी दोबारा सुनवाई

    HighLights

    1. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज को लेकर जारी किया नया आदेश
    2. बिना किसी ठोस कारण से अस्वीकृत दाखिल-खारिज के मामलों की होगी सुनवाई
    3. छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा अस्वीकृत किए जाते हैं मामले

    संसू , नवहट्टा (सहरसा )। दाखिल-खारिज वाद के वैसे मामले, जिनको अंचलाधिकारियों द्वारा बिना किसी ठोस कारण से अस्वीकृत कर दिया गया है उनके निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नया दिशा-निर्देश जारी किया है। दाखिल-खारिज के अपील वादों के त्वरित निष्पादन के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को दिया गया है।

    इन मामलों में होगी दोबारा सुनवाई

    इसके साथ ही सचिव ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल खारिज के जिन मामलों में मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचल अधिकारी को पुनः सुनवाई का आदेश पारित करने का निर्देश भी दिया है।

    इसके साथ ही उनको कहा गया है कि अपील वाद को शीघ्र निष्पादित किया जाएगा। विभाग का यह मानना है कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है।

    इस वजह से अस्वीकृत हुए दाखिल-खारिज के मामले

    आवेदन पत्र के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकबा घटाया जाना है, उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होते हैं।

    डीसीएलआर शहबाज खान ने बताया कि ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर उनके न्यायालय में अपील का प्रावधान है।

    बांका: डीएम के निर्देश पर पंचायत सरकार भवन की हुई जांच

    प्रखंड क्षेत्र में बन रहे पंचायत सरकार भवनों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए बुधवार को डीएम अंशुल कुमार के निर्देश पर जांच की गई। बीपीआरओ श्याम सुंदर कुमार के द्वारा डहुआ, सिकंदरपुर, चिलकारा, सांपडहर,सांगा सहित अन्य पंचायत में चल रहे पंचायत सरकार भवन निर्माण का निरीक्षण किया गया।

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    पंचायत सरकार भवनों का चल रहा निर्माण।

    पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच पड़ताल की गई। निर्माण कार्य में उपयोग किए जाने वाले गिट्टी, बालू ,सीमेंट, छड़ सहित अन्य सामग्रियों की जांच की गई। संवेदक को हिदायत देते हुए गुणवत्ता पूर्ण कार्य करने को कहा।

    कैरी, नयागांव, गोकुला, फागा पंचायत में निर्माण कार्य अब तक आरंभ नहीं होने से संवेदक को फटकार लगाई गई । निविदा के बाद भी संवेदक की लापरवाही से कार्य आरंभ नहीं हुआ है। मामले की जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी। इसके बाद इस पर एक्शन होगा।

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