Bihar Bhumi: 26 जनवरी से बिहार में राजस्व महाअभियान की शुरुआत, पेंडिंग मामलों का होगा निपटारा
प्रशासन 26 जनवरी से शुरू होने वाले राजस्व महाअभियान की तैयारी में जुटा है। इसका उद्देश्य पिछले अभियान के 46 लाख लंबित परिमार्जन/दाखिल खारिज आवेदनों का ...और पढ़ें


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संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। फार्मर रजिस्ट्री अभियान (Bihar Farmer Registry Campaign) के बाद एक बार फिर 26 जनवरी से शुरू हो रहे राजस्व महाअभियान की तैयारी में प्रशासन जुट गया है। राज्य मुख्यालय से लेकर अंचल व हल्का स्तर तक के अधिकारी व कर्मचारी की सक्रियता इन दिनों बढ़ गई है।
इससे पहले, राजस्व महाअभियान का आयोजन 16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किया गया था। जिसमें डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि का निराकरण, छुटी हुई जमाबंदी का ऑनलाइन करना, उत्तराधिकारी नामांतरण और, बंटवारा आधारित नामांतरण को लेकर आवेदन लिए गए थे।
मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान निर्देश मिला है कि राजस्व महाअभियान में जमा किए गए 46 लाख परिमार्जन/दाखिल खारिज के आवेदनों का युद्धस्तर पर निष्पादन करना है। इसके लिए 31 मार्च 2026 तक डेडलाइन दी गई है।
सबसे पहले राजस्व महाअभियान के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में मिले 46 लाख आवेदनों को जिला,अंचल एवं हल्का वार ऑनलाइन दर्ज करना है।
सीओ मौनी बहन ने बताया कि इसके बाद परिमार्जन के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निबटारा करना है। आवेदन को दो श्रेणी में बांटा गया है। एक विवादित जिसमें दो पक्ष हों और दूसरा अविवादित। अविवादित आवेदन का निष्पादन जिला मुख्यालय पर किया जाएगा।
पंचायत स्तर पर लगेगा शिविर
विवादित मामलों का निष्पादन शिविर में किया जाएगा। राजस्व सेवा शिविर का आयोजन पंचायत भवन में अंचल अधिकारी एवं संबंधित हल्का के कर्मचारियों के समक्ष की जाएगी।
सीओ के अनुसार शिविर में ही सुनवाई होगी एवं अभिलेखों का सत्यापन होगा। इसके बाद आदेश पारित किया जाएगा। एक ही परिवार, खाताधारी से संबंधित मामलों का समेकित निष्पादन किया जाएगा। जिसमें समान परिस्थितियों में समान आदेश का सिद्धांत बरकरार रहेगा।
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राजस्व कर्मचारी मनीष कुमार ने बताया की राजस्ववार तिथि निर्धारित कर दी गई है। रैयतों के बीच सूचना पहुंचाने का काम किया जा रहा है ।