Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के ट्रांसफर की नई प्रक्रिया प्रारंभ, शिक्षा विभाग ने जारी की गाइडलाइंस
शिक्षा विभाग ने अंतर जिला स्थानांतरण के तहत शिक्षकों के प्रखंड और विद्यालय आवंटन के लिए गाइडलाइन जारी की है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी समिति सॉफ ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। शिक्षा विभाग ने अंतर जिला स्थानांतरण के तहत जिले आवंटित किए गए शिक्षकों के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू कर दिया है। विभाग ने प्रखंड एवं विद्यालय आवंटन के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका जारी कर दी है, जिसका अनुपालन राज्य के सभी जिलों में भी अनिवार्य रूप से किया जाना शुरू हो गया है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिक्षक स्थानांतरण को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और आवश्यकता आधारित बनाना है, ताकि सभी स्कूलों में विषयवार संतुलित शिक्षक उपलब्ध हो सकें। अंतर जिला स्थानांतरण के प्रथम चरण में कुल 41,684 आवेदनों में से 24,732 शिक्षकों को जिला आवंटित किया गया था, लेकिन कई शिक्षकों को विकल्प के अनुरूप रिक्ति उपलब्ध न होने के कारण आवंटन नहीं मिल सका।
ऐसे शिक्षकों से विभाग ने दोबारा जिले के विकल्प लिए, जिसके बाद द्वितीय चरण में 2,439 शिक्षकों को जिला आवंटन किया गया। इस प्रकार दोनों चरणों में कुल 27,171 शिक्षकों को अंतर जिला स्थानांतरण के तहत नए जिले आवंटित किए गए हैं। अब प्रक्रिया का अगला चरण समयबद्ध तरीके से पूरी तरह ऑनलाइन मोड पर संचालित होगा।
डीएम की अध्यक्षता में स्थापना समिति गठित
प्रखंड आवंटन जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थापना समिति द्वारा किया जाएगा। यह समिति साफ्टवेयर के माध्यम से प्रखंडवार, कक्षावार एवं विषयवार उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर प्रखंड आवंटन करेगी। यह चरण 10 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
खबरें और भी
विशेष बात यह है कि यदि कोई शिक्षक पांच प्रखंडों का विकल्प नहीं देता है। ऐसे शिक्षकों को पूर्व के जिले एवं विद्यालय में ही पदस्थापित माना जाएगा।
ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से होगी प्रक्रिया
जिन शिक्षकों को नया जिला मिला है, उनसे अब पांच प्रखंडों का ऑनलाइन विकल्प लिया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू हो गई है जो पांच दिसंबर 2025 तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से चलेगी। संवाद शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे अपने विषयवार रिक्तियों को देखकर प्राथमिकता के आधार पर प्रखंडों का चयन करें।
जिला शिक्षा विभाग प्रशासन ने जिले के सभी प्रखंडों में इस प्रक्रिया के सुचारू संचालन हेतु तैयारी शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। विभागीय अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि विकल्प लेने से लेकर आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया तकनीकी रूप से सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से की जाए।