Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    संभलें! कुंभ से मीन राशि में ग्रहों के राजा सूर्य देव का हो गया है प्रवेश, इन महत्वपूर्ण कार्यों को टाल दें

    Updated: Tue, 17 Mar 2026 07:05 PM (IST)

    खरमास 14 मार्च को सूर्य के कुंभ से मीन राशि में प्रवेश के साथ शुरू हो गया है। इस एक महीने की अवधि में सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन और गृह प्रवे ...और पढ़ें

    सूर्य मीन राशि में प्रवेश: खरमास के कारण विवाह और शुभ कार्यों पर ब्रेक

    सूर्य मीन राशि में प्रवेश: खरमास के कारण विवाह और शुभ कार्यों पर ब्रेक

    HighLights

    1. 14 मार्च से सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से खरमास शुरू।

    2. विवाह, मुंडन जैसे सभी मांगलिक कार्य एक माह तक स्थगित।

    3. 14 अप्रैल को खरमास समाप्त, शुभ कार्य फिर से होंगे।

    संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। ग्रहों के राजा सूर्य देव के 14 मार्च को सुबह 3.36 बजे कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करने के साथ ही खरमास प्रारंभ हो गया है। खरमास लगते ही लगभग एक माह तक सभी मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग गया है। शादी-विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत संस्कार, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य 14 अप्रैल तक स्थगित रहेंगे। 14 अप्रैल की देर रात सूर्य के मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश के बाद खरमास का समापन होगा और सभी प्रकार के मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। आचार्य बमबम झा ने बताया कि खरमास में भगवान विष्णु की विधि अनुसार पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

    विवाह संस्कार का शुभ योग

    विवाह संस्कार के शुभयोग के लिए गुरू, शुक्र और सूर्य का शुभ होना आवश्यक है। आचार्य ने बताया कि शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त व लग्न वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु और मीन लग्न में से किसी एक में होना चाहिए। नक्षत्रों में अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति, श्रवण, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र और उत्तरा आषाढ़ में से किसी एक का होना शुभ माना जाता है। अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में विवाह करना सर्वोत्तम रहता है। इसके अलावा विवाह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ और अगहन मास में अत्यंत शुभ होता है।

    अप्रैल से दिसंबर तक विवाह के शुभ मुहूर्त

    • अप्रैल: 20, 21, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30

    • मई: 3, 4, 5, 6, 7, 8, 11, 12, 13, 14, 18–29 (मलमास 17 मई से 15 जून)

    • जून: 16 जून से पुनः शुभ लग्न

    • जुलाई: 1, 2, 6, 7, 8, 11, 12, 13, 16, 17 (15 जुलाई से गुरु अस्त, 25 जुलाई से देव शयन दोष)

    • अगस्त–अक्टूबर: विवाह नहीं होंगे

    • नवंबर: 20 नवंबर से विवाह फिर शुरू, 21, 24, 25, 26, 28, 29, 30

    • दिसंबर: 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10

    निष्कर्ष

    खरमास के दौरान मांगलिक कार्य स्थगित रहेंगे, लेकिन इसका यह भी संदेश है कि पूजा-पाठ और भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा से विशेष फल प्राप्त होता है। अप्रैल के मध्य से सभी शुभ कार्य फिर से शुरू होंगे, इसलिए शादी-ब्याह और अन्य मांगलिक कार्यों की योजना बनाते समय तिथियों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।