सहरसा में 'शोले' स्टाइल प्रोटेस्ट: टावर पर चढ़े पूर्व मुखिया और वकील, 6 घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
सहरसा के मेनहा गांव में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर पूर्व मुखिया और अधिवक्ता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। प्रशासन के आश्वासन के बाद वे नीचे उतरे ...और पढ़ें

पूर्व मुखिया और अधिवक्ता मोबाइल टावर पर चढ़े

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संवाद सूत्र, सत्तरकटैया (सहरसा)। प्रखंड के मेनहा गांव में डिग्री कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर जारी धरने के दौरान बुधवार को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया, जब पूर्व मुखिया संजीव राय एवं अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव खादीपुर स्थित एक मोबाइल टावर पर चढ़ गए।
दोनों ने घोषणा की कि जब तक मेनहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना की दिशा में ठोस पहल का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे टावर से नीचे नहीं उतरेंगे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
सांसत में प्रशासन
सूचना मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन, सदर इंस्पेक्टर शशि कुमार राणा, अंचलाधिकारी शिखा सिंह, बीडीओ शारिक अहमद, बिहरा थाना के अपर थानाध्यक्ष विवेक कुमार, एसआई ज्योति कुमारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने धरना स्थल पर मौजूद मुखिया प्रतिनिधि सरोज यादव, व्यापार मंडल अध्यक्ष राहुल यादव, डॉ. मदन कुमार यादव, संजय साह, सुरेन्द्र यादव, मुकेश यादव, अजय यादव एवं अन्य ग्रामीणों के साथ लगातार वार्ता की।
6 घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज घटनाक्रम के दौरान टावर के नीचे सैकड़ों ग्रामीण डटे रहे और पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण माहौल बना रहा।
लंबी वार्ता के बाद अधिकारियों ने मेनहा में डिग्री कॉलेज की स्थापना के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने तथा आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पूर्व मुखिया संजीव राय और अधिवक्ता अमरेन्द्र यादव सुरक्षित टावर से नीचे उतर आए, जिससे प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
आंदोलन समाप्त होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहित रोशन सहित अन्य अधिकारियों ने मेनहा पहुंचकर प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए चिह्नित स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उपलब्ध भूमि एवं अन्य आवश्यक बिंदुओं की जानकारी ली।
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ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की मांग की जा रही है और अब प्रशासन के आश्वासन के बाद उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।