यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM Kisan Yojana: किसानों के लिए जरूरी अपडेट! इस तारीख तक जरूर करवा लें ये काम, वरना अकाउंट में क्रेडिट नहीं होंगे 2000 रुपये
PM Kisan Yojana 16th Installment प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। योजना के लाभार्थियों को 30 सितंबर तक अपने बैंक ...और पढ़ें

HighLights
- अब भी 32 फीसद किसानों की सम्मान योजना पर लटकी है तलवार
- कृषि कर्मियों की लापरवाही से एक वर्ष में पूरा नहीं हो सका भौतिक सत्यापन
संवाद सूत्र, सहरसा। PM Kisan Yojana E-KYC Update सरकार के लगातार निर्देश के बावजूद एक वर्ष बीत जाने पर भी जिले के दो लाख 52 हजार 319 किसानों में अबतक 68 फीसद का ही भौतिक सत्यापन हो पाया है। कृषि सहालकारों व कृषि समन्वयकों की लापरवाही के कारण शेष 32 फीसद किसान अब भी इस दायरे से बाहर हैं। अगर इस महीने शेष किसानों का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया तो, इन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की अगली किश्त से वंचित होना पड़ सकता है।
पांच प्रतिशत किसानों का ई-केवाईसी और तीन प्रतिशत का शेष है एनपीसीआई लिकेंज
वर्ष 2019 में प्रारंभ हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Scheme) की अर्हता रखनेवाले हजारों आवेदक का आवेदन लंबित हैं। बावजूद इसके जिले के दो लाख 52 हजार 319 लोगों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। सरकार ने योजना का लाभ प्राप्त कर रहे किसान का भौतिक सत्यापन व ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया। एक वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बाद यह कार्य पूरा नहीं हो सका।
...तो 16वीं किस्त का पैसा नहीं मिलेगा
इसके लिए प्रखंडों में विधिवत शिविर भी लगाया गया, बावजूद इसके अबतक मात्र एक लाख 71 हजार 576 किसानों का ही सत्यापन हो सका। शेष 80742 अर्थात 32 प्रतिशत किसानों का सत्यापन अभी भी शेष है। इसके अलावा पांच प्रतिशत किसानों का ईकेवाईसी व तीन प्रतिशत का एनपीसीआई से लिंकेज बांकी है। अगर यह प्रक्रिया पूरा नहीं हुई, तो ऐसे किसानों को सम्मान निधि की अगली किस्त से वंचित होना पड़ सकता है।
सम्मान योजना के शेष लाभुकों के सत्यापन के लिए अंतिम रूप से 30 दिसंबर निर्धारित किया गया है। इस दौरान सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, ताकि किसी वास्तविक लाभुक को सम्मान योजना से वंचित नहीं होना पड़े। - ज्ञानचंद्र शर्मा जिला कृषि पदाधिकारी, सहरसा