रामनवमी 26 मार्च: दुर्लभ योगों से भरा दिन, जानें पूजा और संयोगों का पूरा महत्व
इस वर्ष 26 मार्च को रामनवमी का पर्व कई दुर्लभ और मंगलकारी संयोगों के साथ मनाया जाएगा। चैत्र माह की नवमी तिथि पर शोभन, सर्वार्थ सिद्धि, रवि और शिववास य ...और पढ़ें

रामनवमी 26 मार्च को मनाई जाएगी
HighLights
26 मार्च को रामनवमी, कई दुर्लभ योगों का संयोग।
शोभन, सर्वार्थ सिद्धि, रवि, शिववास योग बनेंगे।
पूजा से मनोकामना पूर्ति, स्वास्थ्य, समृद्धि मिलेगी।
संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। वैदिक पंचांग के अनुसार इस वर्ष 2026 में 26 मार्च को रामनवमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को होने वाले इस पावन अवसर से कई दुर्लभ और मंगलकारी संयोग जुड़े हैं, जिनका लाभ श्रद्धालु अपने जीवन में अनुभव कर सकते हैं। पोखरभिंडा के आचार्य बमबम झा के अनुसार, सनातन शास्त्रों में उल्लेख है कि त्रेता युग में इसी दिन भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ था। इसलिए इस दिन भक्तिभाव से श्रीराम की पूजा करने का विशेष महत्व है।
मंगलकारी संयोगों से भरा है यह दिन
इस वर्ष रामनवमी के दिन कई शुभ संयोग बन रहे हैं। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक चैत्र नवरात्र मनाए जाते हैं, जिनमें श्रद्धालु उपवास और पूजा-अर्चना के माध्यम से मन की शांति और भगवान की कृपा प्राप्त करते हैं। नवमी तिथि के दिन शोभन योग का दुर्लभ संयोग संपूर्ण रात्रि तक रहेगा। इस योग में श्रीराम की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी और संकटों से मुक्ति मिलेगी।
शुभ योगों का लाभ
रामनवमी के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन किए जाने वाले सभी शुभ कार्य सिद्ध होंगे। इसके अलावा, इस दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है, जिसके अनुसार पूजा-अर्चना से आरोग्यता, स्वास्थ्य और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। आचार्य बमबम झा के अनुसार, इस अवसर पर शिववास योग का भी संयोग बन रहा है, जिससे साधकों पर भगवान श्रीराम और सदाशिव की विशेष कृपा बरसेगी।
पूजा-अर्चना का महत्व
इस दिन श्रद्धालु विभिन्न प्रकार की पूजा, हवन और मंत्र जाप करके भगवान श्रीराम के आशीर्वाद की प्राप्ति करते हैं। मंदिरों में विशेष कार्यक्रम और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु घर पर भी रामकथा का आयोजन कर सकते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और समाज में भाईचारा और सामूहिक श्रद्धा की भावना को बढ़ावा मिलता है।
खबरें और भी
नवरात्र और रामनवमी का संयोजन
चैत्र नवरात्र और रामनवमी के संयोजन से यह दिन और भी विशेष बन जाता है। इस अवसर का लाभ उठाकर भक्त अपने जीवन के सभी संकटों से मुक्ति पा सकते हैं और नए कार्यों की शुरुआत के लिए प्रेरणा ले सकते हैं। आचार्य बमबम झा का कहना है कि इस दिन की गई पूजा और भक्ति का प्रभाव पूरे वर्ष महसूस किया जा सकता है।