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    सहरसा में मछली पालन ने पकड़ी रफ्तार: 5 वर्षों में 5 हजार MT बढ़ा उत्पादन, 3000 से अधिक लोगों ने लिया अनुदान 

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 06:00 PM (IST)

    मत्स्य विभाग की योजनाओं से सहरसा जिले में मछली उत्पादन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में 139 हेक्टेयर नए तालाब बनने के बाद अब कुल 1168 ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मत्स्य विभाग की योजनाओं से सहरसा में मछली उत्पादन का दायरा बढ़ा।

    2. पिछले पांच वर्षों में 139 हेक्टेयर नए तालाब बने, कुल 1168 हेक्टेयर।

    3. 3066 लोगों ने अनुदान लेकर मत्स्यपालन व्यवसाय को अपनाया है।

    संवाद सहयोगी, सहरसा। मत्स्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के कारण कोसी प्रभावित सहरसा जिले में मत्स्य उत्पादन का दायरा अनवरत बढ़ रहा है। विगत पांच वर्षों में 139 हेक्टेयर में बने नए तालाब निर्माण के बाद अब जिले में 1168 हेक्टेयर में रेहु कतला, नैनी, ग्रास कार्प, पंगेसियस के साथ झींगा मछली का उत्पादन हो रहा है।

    मछली उत्पादन की अपार संभावनाओं के कारण धीरे- धीरे मत्स्यपालकों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बीच पांच हजार एमटी मछली उत्पादन भी बढ़ा है। झींगा मछली का बढ़ रहा उत्पादन इलाके के मत्स्यपालकों के लिए काफी लाभकारी साबित होगा।

    5 वर्षों में 3066 लोगों ने अनुदान लेकर अपनाया मत्स्यपालन व्यवसाय

    कोसी क्षेत्र में मत्स्यपालन की अपार संभावना के बावजूद सरकारी सहायता के अभाव में इलाके के लोग अपेक्षानुसार लाभांवित नहीं हो पा रहे थे। विगत पांच वर्षों में 3066 लोगों ने विभिन्न योजनाओं से अनुदान प्राप्त कर मत्स्यपालन व्यवसाय को अपनाया है। विगत पांच वर्षों में जिले में पांच हजार मैट्रिक टन मछली उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है।

    वर्षवार अनुदान प्राप्त करनेवाले लाभुकों का विवरण इस प्रकार है:-

    वर्ष लाभुकों की संख्या कुल अनुदान (लाख में)
    2020-21 149 88.60
    2021-22 498 82.14
    2022-23 837 309.332
    2023-24 769 540.25
    2024-25 516 342.04

    इस इलाके में आंध्र प्रदेश से भी अधिक मछली पालन की संभावना है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के कारण अब लोग इस ओर आकर्षित होने लगे हैं। बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न योजना मद में अनुदान भी प्राप्त हुआ है। आनेवाले दिनों में मछली उत्पादन यह इलाके के समृद्धि का माध्यम बन सकता है।

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    जयप्रकाश सिंह, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सहरसा।

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