सहरसा के सभी ब्लॉकों में खुलेगा जीविका हाट, महिलाएं खुद बेचेंगी अपना उत्पाद
सहरसा जिला प्रशासन मनरेगा के सहयोग से सभी प्रखंडों में जीविका हाट बनाएगा। इन हाटों में महिलाएं आवश्यक वस्तुएं और जीविका उत्पाद बेचेंगी, जिससे उन्हें र ...और पढ़ें
-1775985850189_m.webp)
HighLights
जिला प्रशासन मनरेगा के सहयोग से जीविका हाट बनाएगा।
महिलाओं को रोजगार मिलेगा, आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी।
जीविका दीदियां अपने उत्पाद बेचकर आत्मनिर्भर बनेंगी।
संवाद सहयोगी, सहरसा। जिला प्रशासन ने मनरेगा के सहयोग से प्रथम चरण में जिले के सभी प्रखंडों में एक-एक जीविका हाट निर्माण की योजना बनायी है। इसमें महिलाओं द्वारा जहां आवश्यक वस्तुओं की बिक्री होगी, वहीं जीविका द्वारा तैयार उत्पादों को भी बेचा जाएगा।
सभी हाट में एक साथ बड़ी संख्या में महिलाओं को जहां रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आसानी से सभी आवश्यक वस्तु उपलब्ध होगा। प्रथम चरण में जिले के सभी दस प्रखंड में हाट खुलेगा। दूसरे चरण में इस हाट का और विस्तार होगा।
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की आसानी से पूरी होगी जरूरतें
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में वर्तमान समय में कई हाट संचालित है। इन हाटों में निर्धारित तिथियों को बड़ी भीड़ रहती है। इससे अलग हटकर जीविका हाट चूंकि महिलाओं द्वारा संचालित होगा। इसलिए यहां ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी आकर अपनी जरूरत की सामान खरीद सकेगी।
इस हाट में फल-सब्जी, मांस, मछली समेत जरूरत की सभी सामानों की खरीद-बिक्री की जाएगी। महिलाओं की भीड़ के मद्देनजर यहां सुरक्षा का भी आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।
इस हाट में जीविका दीदियां अपने द्वारा उत्पादित, फल, सब्जी, मशरूम, कपड़े व अन्य सामान भी बेच सकेगी। इससे उनका रोजी-रोजगार बढ़ेगा और लोगों की जरूरतें पूरी होगी।
यह भी पढ़ें- 4 शिक्षक, 108 बच्चे और 1 रूम: जगह की कमी से सड़क पर चल रही कक्षाएं; सुपौल में शिक्षा के नाम पर खानापूर्ति
यह भी पढ़ें- बिहार का इश्कबाज प्रोफेसर! छात्रा के साथ लिपलॉक करते हुए वीडियो वायरल, कॉलेज में भड़का आक्रोश
जीविका हाट जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित होगा, वहीं जीविका से जुड़ी महिलाओं को रोजगार का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
श्लोक कुमार, डीपीएम, जीविका, सहरसा।