Bihar Bhumi: कोसी क्षेत्र में जमीन रजिस्ट्री की रफ्तार घटी, बढ़ी हुई दरों से खरीदार परेशान
जमीन निबंधन दरों में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण कोसी क्षेत्र के सहरसा जिले में जमीन का निबंधन थम सा गया है। शहरी क्षेत्रों में 100% और ग्रामीण क्षेत्र ...और पढ़ें

कोसी क्षेत्र में जमीन रजिस्ट्री की रफ्तार घटी, बढ़ी हुई दरों से खरीदार परेशान (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, सहरसा। वर्ष 2013 व 16 के बाद लंबे समय तक जमीन निबंधन की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई, परंतु 2026 में क्रय दर में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि से कोसी प्रभावित सहरसा जिले में जमीन का निबंधन अचानक थम सा गया है।
इस इलाके में लोग शादी, श्राद्ध व अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जहां छोटे-छोटे भूखंड मजबूरीवश बेचते हैं, वहीं अधिकांश क्रय कर्ता भी वासडीह या अन्य कार्यों से छोटे-छोटे भूखंड खरीदने के लिए वर्षों से राशि जमा कर रखते हैं।
शहरी क्षेत्र में दोगुना और ग्रामीण क्षेत्र में 60 प्रतिशत क्रय दर बढ़ोतरी होने के साथ ही स्टांप दर में एक प्रतिशत वृद्धि के कारण जमीन क्रय करने वालों पर भी अचानक राशि का बोझ बढ़ गया। ऐसे में निबंधन कार्यालय में गहमागहमी अचानक थम सा गया है।
नगरीय क्षेत्र के हो रहे विस्तार से संकट और गहराने की है उम्मीद
हाल में जिला मुख्यालय में नगर परिषद को नगर निगम बनने, सिमरीबख्तियारपुर नगर पंचायत के नगर परिषद बनने के अलावा नए नगर पंचायत सोनवर्षा, बनगांव, सौरबाजार और नवहट्टा के गठन के बाद पंचायतों का शहरीकरण हो चुका है।
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नगरीय क्षेत्र के विस्तार के कारण शहरी और पेरिफेरल क्षेत्र की जमीन के बिक्री दर में काफी बढ़ोतरी हुई। इन क्षेत्रों के क्रय दर में सौ प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण जमीन क्रय करनेवाले के माथे पर बल पर गया है।
कुछ लोगों ने जो क्रय करने की तैयारी कर रखी थी, फिलहाल उनका मिशन टल गया। लोग सोच- विचार में लगे हैं। इस कारण फिलहाल जमीन निबंधन की रफ्तार कम हो गई है।
जमीन क्रय दर बढ़ोतरी लागू होने से क्रेता की थोड़ी परेशानी बढ़ी है, परंतु इसका कोई वैकल्पिक व्यवस्था हो नहीं सकता। नई दर से ही क्रय की जा रही है। - सीमा कुमारी, अवर निबंधन पदाधिकारी, सहरसा