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    सावन में रेल हादसा टला, समस्तीपुर-सहरसा ट्रेन में लगी आग; 2013 के धमारा घाट कांड की यादें हुईं ताजा

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 05:30 AM (IST)

    सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन के इंजन और एक बोगी में आग लग गई, जिससे 2013 के धमारा घाट रेल हादसे की यादें ताजा हो गईं। ...और पढ़ें

    प्लेटफार्म संख्या दो पर खड़ी क्षतिग्रस्त ट्रेन। (जागरण)

    प्लेटफार्म संख्या दो पर खड़ी क्षतिग्रस्त ट्रेन। (जागरण)

    HighLights

    1. सिमरी बख्तियारपुर में पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग।

    2. घटना से 2013 के धमारा घाट रेल हादसे की यादें ताजा हुईं।

    3. यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया, बड़ा हादसा टला, जांच जारी।

    मिथिलेश कुमार मोनू, (सहरसा)। सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार की अहले सुबह समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन के इंजन व एक बोगी में आग लगने की घटना के बाद लोगों के जेहन में 19 अगस्त 2013 का धमारा घाट रेल हादसा एक बार फिर ताजा हो गया।

    संयोग यह है कि उस समय भी सावन का महीना था और इस बार भी सावन के दौरान ही यह घटना सामने आई है। सोमवार सुबह करीब तीन बजे जैसे ही समस्तीपुर से सहरसा जा रही पैसेंजर ट्रेन सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर पहुंची, इंजन की ओर से धुआं उठने लगा।

    देखते ही देखते आग की लपटें दिखाई देने लगी और ट्रेन में आग लग गई। इस घटना ने लोगों को 19 अगस्त 2013 के उस भयावह रेल हादसे की याद दिला दी, जब पूर्व मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड स्थित धमारा घाट स्टेशन पर राजरानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस की चपेट में आने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।

    सावन के अवसर पर कात्यायनी मंदिर में पूजा-अर्चना कर लौट रहे श्रद्धालु स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर दूसरे प्लेटफार्म की ओर जा रहे थे।

    इसी दौरान तेज रफ्तार राजरानी एक्सप्रेस गुजर गई और देखते ही देखते स्टेशन परिसर चीख-पुकार से गूंज उठा। उस हादसे ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया था।

    सहम गए लोग

    करीब 13 वर्ष बाद एक बार फिर सावन के महीने में रेल से जुड़ी बड़ी घटना सामने आने से लोग सहम गए। हालांकि इस बार स्थिति पूरी तरह अलग रही और समय रहते आग पर काबू पाने तथा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लेने से एक बड़ा हादसा टल गया।

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    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है। फारेंसिक एवं तकनीकी टीम भी मामले की जांच में जुटी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन के दौरान ट्रेनों में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में रेलवे को सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी और मजबूत करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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