यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Atul Subhash Suicide Case: अतुल की कैसे तय हुई थी शादी? बिहार में सिर्फ 1 दिन रही पत्नी, सामने आई नई जानकारी
बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष मोदी की आत्महत्या की खबर से उनके परिवार और रिश्तेदार सदमे में हैं। अतुल के पिता पवन मोदी ने बताया कि उनके ब ...और पढ़ें

HighLights
- पिता बोले-बेटे को आत्महत्या के लिए उसके ससुराल वालों ने किया मजबूर, न्याय मिले
- बेंगलुरु में ही अंत्येष्टि के बाद स्वजन उसकी अस्थियां लेकर समस्तीपुर लौट रहे
- पिता पवन मोदी मूल रूप से छत्तीसगढ़ के, अभी समस्तीपुर के पूसा रोड में रह रहे
संवाद सहयोगी, पूसारोड (समस्तीपुर)। बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष मोदी के सुसाइड की सूचना से पूसा रोड बाजार के लोग हतप्रभ हैं। उनके रिश्तेदार ने बताया कि शादी के बाद अतुल कभी खुश नहीं रहा।
अतुल के पिता पवन मोदी के फुफेरे भाई श्रवण कुमार अग्रवाल ने बताया कि अतुल की शादी 26 अप्रैल 2019 में बनारस के होटल हिंदुस्तान इंटरनेशनल में हुई था। लड़की पक्ष उत्तर प्रदेश के जौनपुर से आए थे। अतुल की शादी मैरेज ब्यूरो से तय हुई थी। पत्नी निकिता सिंघानिया भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।
शादी के बाद एक दिन के लिए वह समस्तीपुर के पूसा रोड स्थित घर में रही। अगले दिन 28 अप्रैल को बेटे-बहू बेंगलुरु चले गए। दोनों का दांपत्य जीवन सुखमय नहीं रहा। मुकदमा होने लगा। इससे अतुल परेशान रहता था। आखिर में उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
विगत नौ दिसंबर की रात पूसा रोड निवासी पवन मोदी को सूचना मिली कि बेंगलुरु में पुत्र ने आत्महत्या कर ली है। आनन-फानन पवन मोदी पत्नी अंजू मोदी के साथ 10 दिसंबर को बेंगलुरु पंहुचे। साथ में अतुल का छोटा भाई विकास मोदी, रिश्तेदार प्रकाश मोदी और सूरत से रमेश मोदी भी पहुंच गए।
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव स्वजन को सौंप दिया। उन लोगों ने बेंगलुरु में ही अंत्येष्टि कर दी। वहां से स्वजन अस्थियां लेकर समस्तीपुर लौट रहे हैं।
अतुल के पिता पवन मोदी ने फोन पर बातचीत में रुंधे गले से कहा कि मेरे बेटे को आत्महत्या करने के लिए उसके ससुराल वालों ने मजबूर किया। हमें न्याय मिलना चाहिए। मेरा बेटा बेगुनाह था। वह इस अनहोनी से बेहद मर्माहत हैं।
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माता-पिता के देहांत के बाद समस्तीपुर आ गए थे पवन मोदी
- पवन मोदी मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रहने वाले हैं। बचपन में ही माता-पिता का देहांत हो गया था। पूसा रोड में रिश्ते के भाई निरंजन मोदी ने उन्हें बुला कर सहारा दिया।
- धीरे-धीरे पवन अपने पैरों पर खड़े हो गए। यहीं रच बस गए। उनके दो पुत्र अतुल सुभाष मोदी और विकास मोदी हैं।
- अतुल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने और बेंगलुरु में काम करने लगे। छोटा भाई विकास चार्टर एकाउंटेंट है। अतुल की प्रारंभिक शिक्षा वैनी के गोल्डेन पब्लिक स्कूल में हुई।
- स्कूल के प्राचार्य राकेश वर्मा बताते हैं कि अतुल शुरू से मेधावी छात्र रहा। उसे पढ़ाई के अलावा और कुछ नहीं अच्छा लगता था। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद 10वीं तक की पढ़ाई पूसा के सीपीएस स्कूल में की।
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