बिहार में डॉक्टर के बाद शिक्षकों पर सख्ती, कोचिंग या प्राइवेट ट्यूशन पढ़ाया तो जाएगी नौकरी
बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों के निजी कोचिंग या ट्यूशन पढ़ाने पर सख्त रोक लगा दी है। नियमों का ...और पढ़ें

बीईओ को नियमों का उल्लंघन कर रहे शिक्षकों की पहचान के लिए कहा गया है। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Private Coaching Ban: बिहार में डॉक्टरों के बाद अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है।
राज्य के सरकारी शिक्षक अब किसी भी सूरत में निजी कोचिंग सेंटर, प्राइवेट ट्यूशन या किसी अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में पैर नहीं रख पाएंगे। अगर कोई शिक्षक ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीपीओ ने जारी किए सख्त आदेश
इस संबंध में समस्तीपुर के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) जमालुद्दीन ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को एक पत्र जारी किया है।
17 जून को जारी किए गए इस आधिकारिक पत्र में माध्यमिक शिक्षा निदेशक (बिहार, पटना) के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। बीईओ को साफ निर्देश हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे शिक्षकों की पहचान करें जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
अब केवल पढ़ाई पर फोकस
विभाग के पत्र में इस बात का विशेष रूप से जिक्र किया गया है कि प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के विद्यालयों में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से बड़े पैमाने पर नए शिक्षकों की बहाली हो चुकी है।
अब स्कूलों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में शिक्षकों की सबसे पहली और एकमात्र जिम्मेदारी यह है कि वे अपने तैनात स्कूल के बच्चों को ही पूरी लगन के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Quality Education) दें।
शिक्षकों को बेहतर पढ़ाने के लिए समय-समय पर विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है कि शिक्षक अपना पूरा समय और ध्यान सिर्फ सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं पर ही लगाएं।
निजी ट्यूशन का स्कूली शिक्षा पर प्रभाव
शिक्षा विभाग का मानना है कि जब सरकारी शिक्षक स्कूल के बाद या स्कूल परिसर के बाहर कोचिंग और निजी ट्यूशन देने लगते हैं, तो वे मानसिक और शारीरिक रूप से थक जाते हैं। इसका सीधा बुरा असर सरकारी स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ता है। वे स्कूल के बच्चों को न्याय नहीं दे पाते।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी बीईओ को अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखने की हिदायत दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या प्राइवेट ट्यूशन में पढ़ाते हुए पकड़ा गया, तो इसे 'शिक्षक आचार संहिता' का सीधा और गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
ऐसे दोषी शिक्षकों के खिलाफ विभाग बिना किसी रियायत के सीधे सस्पेंशन या सेवामुक्ति जैसी कठोर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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