यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BPSC Success Story: किसान पुत्र को मिली बीपीएससी में सफलता, बने कल्याण पदाधिकारी; पढ़ें संघर्ष की कहानी
BPSC Result समस्तीपुर के किसान पुत्र बैजू पासवान ने बीपीएससी की 68वीं परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्हें 750वां रैंक मिला है। सफल अभ्यर्थी फिलहाल उ ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, सरायरंजन (समस्तीपुर)। प्रखंड के गंगापुर निवासी किसान खोनी पासवान के पुत्र बैजू पासवान ने 68वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता अर्जित कर प्रखंड का नाम रोशन किया है। उन्हें 750 रैंक मिला है। सफल अभ्यर्थी फिलहाल उत्क्रमित मध्य विद्यालय ठहरा, पूसा में कार्यरत हैं।
इसके पूर्व ये 10 वर्षों तक सरायरंजन प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय लाटबसेपुरा में कार्यरत थे। इनका चयन प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (एससी/एसटी) के पद पर हुआ। बताया कि प्रारंभिक छात्र जीवन से ही वे मेधावी रहे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता समेत अपने शिक्षकों व दोस्तों के मार्गदर्शन को दिया है।
'कई ऐसे दोस्त थे, जो मदद करते थे'
उन्होंने कहा कि जब वह गांव में पढ़ाई करते थे, कई ऐसे दोस्त थे जो उन्हें काफी मदद करते थे। जब उन्होंने गांव से मैट्रिक की परीक्षा पास की, इस दौरान उन्हें प्रशासनिक सेवा में जाने का मन बना था, मगर 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद उनका चयन प्राइमरी टीचर के पद पर हो गया।
नौकरी करते ही हासिल की ग्रेजुएशन
इस नौकरी के दौरान ही उन्होंने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इतिहास विषय में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की डिग्री ली। इसके पूर्व इनका चयन रेलवे में ग्रुप डी एवं तकनीकी सहायक के पद पर हुआ था। 2022 में इनका चयन पंचायत सचिव के पद पर हुआ था, पर उन्होंने शिक्षक का पद नहीं छोड़ा।
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बीपीएससी की परीक्षा में इनका चौथ प्रयास था। यह आगे भी बीपीएससी परीक्षा में शामिल होकर अच्छा रैंक लाना चाहते हैं। वे कहते हैं कि अगर आप अपने लक्ष्य की ओर ध्यान देते हैं तो लक्ष्य हमेशा आपके सामने खड़ा रहता है। हमें मेहनत करने की जरूरत है, परिणाम सफलता स्वरूप में मिलती है।