Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    BSEB Bihar board 10th result 2026 : शमशीर अख्तर ने बिहार बोर्ड मैट्रिक में पाया छठा स्थान, मां के त्याग की जीत

    By Mukesh kumarEdited By: Dharmendra Singh
    Updated: Sun, 29 Mar 2026 04:00 PM (IST)

    BSEB matric Result 2026 Website : समस्तीपुर के मिल्लत एकेडमी के छात्र शमशीर अख्तर ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में छठा स्थान प्राप्त कर जिले का नाम ...और पढ़ें

    बेटे को मिठाई खिलाती मां। जागरण

    बेटे को मिठाई खिलाती मां। जागरण

    HighLights

    1. शमशीर अख्तर ने मैट्रिक परीक्षा में बिहार में छठा स्थान प्राप्त किया।

    2. मां तरन्नुम प्रवीण ने संघर्ष कर बेटे को पढ़ाया।

    3. यह सफलता कड़ी मेहनत और मां के त्याग का परिणाम है।

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Bihar Board 10th Result 2026 :बिहार में समस्तीपुर जिले के लिए गर्व का विषय बनते हुए शहर के मिल्लत एकेडमी के छात्र शमशीर अख्तर ने मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे बिहार में छठा स्थान प्राप्त किया है।

    उनकी इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। शमशीर की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत, लगन और उनकी मां का संघर्षपूर्ण योगदान छिपा हुआ है।

    शमशीर अख्तर स्वर्गीय जहांगीर अंसारी के पुत्र हैं। उनके पिता का निधन तब हो गया था, जब वह एलकेजी में पढ़ते थे। इतनी कम उम्र में पिता का साया सिर से उठ जाना किसी भी बच्चे के लिए बड़ी चुनौती होती है, लेकिन शमशीर ने इस कठिन परिस्थिति को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।

    उनकी मां, तरन्नुम प्रवीण, जो एक आंगनबाड़ी सेविका हैं, ने अपने बेटे की परवरिश और पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत की और अपने बेटे को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया।

    जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ और शमशीर के छठे स्थान की खबर मिली, उनकी मां भावुक हो उठीं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

    उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए दिन-रात मेहनत की है और आज उसका फल उन्हें मिला है। शमशीर ने भी अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी मां को दिया और कहा कि उनकी मां ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।

    खबरें और भी

    शमशीर की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियां भी उन लोगों को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं, जिनमें कुछ कर दिखाने का जुनून हो।

    उनकी कहानी अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता अवश्य मिलती है।