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    Ranchi Road Accident: समस्तीपुर के मजदूर की सड़क हादसे में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    Updated: Fri, 26 Jun 2026 07:13 PM (IST)

    रांची में सड़क दुर्घटना में समस्तीपुर के विभूतिपुर निवासी एक मजदूर अशोक कुमार की मौत हो गई। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिसमें व ...और पढ़ें

    मृतक अशोक कुमार की फाइल फोटो। फोटो सौ. स्वजन व रोते-बिलखते मृतक के स्वजन व मौजूद ग्रामीण। फोटो सौ. जागरण

    मृतक अशोक कुमार की फाइल फोटो। फोटो सौ. स्वजन व रोते-बिलखते मृतक के स्वजन व मौजूद ग्रामीण। फोटो सौ. जागरण 

    HighLights

    1. रांची में सड़क हादसे में समस्तीपुर के मजदूर अशोक की मौत।

    2. परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे, मां, पत्नी, पांच बच्चे बेसहारा।

    3. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।

    संवाद सहयोगी, विभूतिपुर (समस्तीपुर)। झारखंड की राजधानी रांची में सड़क दुर्घटना में समस्तीपुर के विभूतिपुर निवासी एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    मृतक की पहचान विभूतिपुर थाना क्षेत्र के महथी दक्षिण पंचायत के वार्ड संख्या-14 निवासी स्वर्गीय शिवनारायण महतो के 40 वर्षीय पुत्र अशोक कुमार के रूप में हुई है।

    बताया गया कि अशोक कुमार अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए रांची में रहकर मजदूरी करते थे। गुरुवार को भी वह रोज की तरह काम पर जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए, जिसमें उनकी मौत हो गई।

    बूढ़ी मां, पत्नी और बच्चों का सहारा छिना

    अशोक कुमार दो भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी मौत से वृद्ध मां उर्मिला देवी, पत्नी रिंकू देवी और पूरा परिवार सदमे में है।

    मृतक अपने पीछे तीन पुत्रियां मुस्कान, काजल और तनिषा तथा दो पुत्र यश कुमार और खुशराज कुमार को छोड़ गए हैं। इस हादसे के बाद पांचों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि वृद्ध मां ने अपने बुढ़ापे का सहारा खो दिया।

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    शव के आने का इंतजार

    घटना की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रखंड प्रमुख सुनीता देवी, स्थानीय मुखिया भोला शंकर दास, सरपंच हरेराम दास, समाजसेवी दिलीप नारायण सिंह उर्फ पप्पू, रामबाबू यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे।

    स्वजन देर रात तक शव के गांव पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे थे। शव आने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।