समस्तीपुर में चुनाव के बीच एक वायरल पत्र से मची हलचल, चलता रहा सियासी घमासान
Bihar Vidhan sabha Chunav : समस्तीपुर में चुनाव के दौरान एक वायरल पत्र ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस पत्र में लगाए गए आरोपों के कारण सियासी घमासा ...और पढ़ें

इस खबर में प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
समस्तीपुर में सोशस मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं का दौर
राजनीतिक दलों में आरोप-प्रत्यारोप
सियासी घमासान जारी
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिले में सोशल मीडिया पर भ्रामक राजनीतिक सूचनाओं का दौर चलता रहा। एक वायरल पोस्ट और आडियो क्लिप ने जिले की राजनीति में दिनभर हलचल मचा दी।
मतदाताओं के बीच तरह-तरह की चर्चा होती रही। चुनावी माहौल में भ्रम की स्थिति बन गई। पहला मामला मोरवा विधानसभा क्षेत्र से सामने आया। यहां लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के बागी नेता अभय कुमार सिंह के समर्थन में एक पत्र इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। उस पत्र में यह दावा किया गया था कि अभय कुमार सिंह को एलजेपी (आर) ने समर्थन किया है।
वास्तविकता यह है कि इस सीट पर एनडीए की ओर से जेडीयू उम्मीदवार विद्यासागर निषाद चुनाव मैदान में हैं और अभय कुमार सिंह निर्दल प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है।
वायरल हुए इस कथित पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। इस खबर को साझा किया जाने लगा, जिससे आम मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। दूसरा मामला समस्तीपुर विधानसभा सीट से जुड़ा रहा, जहां एनडीए प्रत्याशी के रूप में जेडीयू की अश्वमेध देवी चुनाव मैदान में हैं।
बुधवार को सोशल मीडिया पर एक आडियो क्लिप वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एलजेपी (आर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान और एक स्थानीय नेता के बीच बातचीत होने का दावा किया गया। उस आडियो में स्थानीय नेता यह कहते सुने जा रहे हैं कि जेडीयू के नेताओं द्वारा एलजेपी (आर) के नेताओं को तरजीह नहीं दी जा रही है।
वायरल आडियो में कथित रूप से चिराग पासवान को जवाब देते हुए यह कहते सुना गया कि इस चुनाव में आप लोग जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार कीजिए। इस आडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं और स्थिति राजनीतिक रूप से गरमाने लगी।
खबरें और भी
हालांकि, जब इन दोनों मामलों पर एलजेपी (आर) के जिला अध्यक्ष अनुपम सिंह हीरा से बातचीत की गई, तो उन्होंने इन वायरल खबरों को पूरी तरह भ्रामक और असत्य बताया। उन्होंने कहा यह किसी असामाजिक तत्व द्वारा पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान जी की छवि को धूमिल करने की साजिश है। न तो ऐसा कोई पत्र जारी किया गया है और न ही वायरल आडियो में चिराग पासवान जी की आवाज है।